सà¥à¤·à¤®à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ की पहल पर जापान से 15 दिन बाद आया शव
विदेश मंतà¥à¤°à¥€ सà¥à¤·à¤®à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ की अपने मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ मसलों पर गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ की à¤à¤• और मिसाल देखने को मिली, जब जापान में मारे गठà¤à¤• शखà¥à¤¸ का शव उनके हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª के बाद दिलà¥à¤²à¥€ वापस लाकर परिवार को सौंप दिया गया.
टोकà¥à¤¯à¥‹ में 15 दिन पहले हà¥à¤† था गोपाल राम का देहांत
दरअसल दिलà¥à¤²à¥€ के अंबेडकर नगर इलाके के रहने वाले गोपाल राम अचà¥à¤›à¥‡ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की तलाश में नौकरी के लिठपिछले साल सितंबर में टोकà¥à¤¯à¥‹ गठथे. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने टोकà¥à¤¯à¥‹ में नौकरी और वीज़ा के लिठà¤à¤œà¥‡à¤‚ट को ढाई लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ à¤à¥€ दिà¤, लेकिन वहां पहà¥à¤‚चने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• होटल में कà¥à¤• का काम मिला. वहां à¤à¥€ महज तीन महीने काम करने के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ à¤à¤• साल का था.
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तंगी की वजह से शव लाना था मà¥à¤¶à¥à¤•िल
जापान में पैसे की तंगी की वजह से वह परेशान रहने लगे और फिर 10 दिसंबर को उनकी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. गोपाल राम के परिवार के लिठजहाठà¤à¤• तरफ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खोने का गम था, तो साथ ही उनका पारà¥à¤¥à¤¿à¤µ शरीर वापस à¤à¤¾à¤°à¤¤ लाने की जदà¥à¤¦à¥‹à¤œà¤¹à¤¦ à¤à¥€. पारà¥à¤¥à¤¿à¤µ शरीर à¤à¤¾à¤°à¤¤ लाने के लिठ15 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का खरà¥à¤š होता, जो कि पहले ही आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तंगी से गà¥à¤œà¤° रहे इस परिवार के लिठबेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल था.
गà¥à¤¹à¤¾à¤° पहà¥à¤‚चते ही सà¥à¤·à¤®à¤¾ ने तà¥à¤°à¤‚त दिया मदद का à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾
à¤à¤¸à¥‡ में मृतक के बेटे जतिन मदद के लिठविदेश मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ और जापानी दूतावास के à¤à¥€ चकà¥à¤•र काटे लेकिन कोई मदद नहीं मिली. उस समय विदेशमंतà¥à¤°à¥€ सà¥à¤·à¤®à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ किडनी में समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण à¤à¤®à¥à¤¸ में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ थीं. इसके बाद मृतक गोपाल राम की पतà¥à¤¨à¥€ राधा देवी ने दिलà¥à¤²à¥€ महिला आयोग (डीसीडबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚) से अपने पति के शव को देश वापस लाने में मदद मांगी थी. इसके बाद डीसीडबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ ने सà¥à¤·à¤®à¤¾ सà¥à¤µà¤°à¤¾à¤œ से मामले में दखल की मांग की थी.