आरटीआई में पूछे गठसवाल पर बोला रिजरà¥à¤µ बैंक, नोटबंदी लाने का कारण नहीं बता सकते!
सरकार ने 1000 व 500 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने यानी नोटबंदी का फैसला कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया? सरकार की नोटबंदी की घोषणा के 50 दिन बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक का मानना है कि इस अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ घोषणा के कारणों को सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बैंक ने यह à¤à¥€ बताने से इनकार किया है कि पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोटों की जगह, नये नोट लाने में कितना समय लगेगा। रिजरà¥à¤µ बैंक ने सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगे जाने पर यह जवाब दिया है।
केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बैंक ने कहा है कि यह सवाल à¤à¤¸à¥€ घटना की à¤à¤¾à¤µà¥€ तारीख के बारे में है जिसे आरटीआई कानून की धारा 2 (फ) के तहत सूचना के रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ नहीं किया गया है। आरटीआई आवेदन के तहत मांगी गई जानकारी को कानून की धारा 8:1:ठका उलà¥à¤²à¥‡à¤– करते हà¥à¤ आरबीआई ने करीब 20 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के करेंसी नोटों का चलन बंद करने का कारण बनाने से इनकार किया। रिजरà¥à¤µ बैंक ने यह नहीं बताया है कि कानून की उकà¥à¤¤ धारा के तहत इस इस तरह की जानकारी के बारे में छूट कैसे मिलती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह फैसला तो पहले ही किया जा चà¥à¤•ा है।
पूरà¥à¤µ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ सूचना आयà¥à¤•à¥à¤¤ शैलेष गांधी ने इस बारे में कहा कि इस मामले में जो जानकारी मांगी गई है वह किसी à¤à¥€ छूट की धारा के तहत नहीं आती। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि कानून बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि जब कोई सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान सूचना देने से इनकार करता है तो उसे सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से बताना होगा कि कानून की किस धारा के तहत उसे छूट मिल रही है। उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय है कि केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बैंक ने हाल ही में नोटबंदी के संबंध में निदेशक मंडल की बठकों का बà¥à¤¯à¥Œà¤°à¤¾ देने से à¤à¥€ इनकार कर दिया था।