इरफान हबीब अपनी बात पर कायम, फिर दी संघ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€
आजादी की लड़ाई में आरà¤à¤¸à¤à¤¸ की à¤à¥‚मिका पर उठाठसवालों पर इतिहासकार इरफान हबीब अà¤à¥€ à¤à¥€ कायम हैं। उनका कहना है कि मैं लोकतंतà¥à¤° में जीने वाला इंसान हूं, इसलिठजो सही था मैंने वही कहा। अगर मैं गलत हूं तो संघ सबूतों के साथ हकीकत को पेश कर दे। अब तो मामला कोरà¥à¤Ÿ में है। वो बताठकि आजादी की लड़ाई में कब, कहां और कितने सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक शहीद हà¥à¤? रहा सवाल मà¥à¤•दमे का तो कà¥à¤› लोग ओछी पबà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के लिठइस तरह की हरकत करते रहते हैं।
हाल ही में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤ अपने à¤à¤• लेख में इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा था कि आजादी की लड़ाई में आरà¤à¤¸à¤à¤¸ की कोई à¤à¥‚मिका नहीं रही। इस लेख के बाद लखनऊ के à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने अलीगढ़ की कोरà¥à¤Ÿ में à¤à¤• याचिका लगाई है। याची का कहना है कि मैं संघ का सदसà¥à¤¯ हूं। इरफान हबीब के इस लेख को पढ़कर मà¥à¤à¥‡ पीड़ा हà¥à¤ˆ है। मà¥à¤à¥‡ मानसिक आघात पहà¥à¤‚चा है। इस बारे में जब इरफान हबीब से बात की गई तो उनका कहना था कि इस देश में सबको बोलने का हक है।
मैंने जो कहा है वो कागजों में दरà¥à¤œ है। मेरे पास मेरे बयान से संबंधित सबूत हैं और मैं उस पर कायम हूं। अगर किसी को ये लगता है कि मेरा बयान गलत है तो उसे साबित करे। à¤à¤¸à¥‡ लोग सबूत पेश करें कि इस तारीख में इस जगह संघ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ फलां सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक ने लड़ाई लड़ी थी और इस लडाई में उन पर कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ हà¥à¤ˆ थी या फिर वो शहीद हà¥à¤ थे।
हबीब ने नà¥à¤¯à¥‚ज 18 इंडिया डॉटकॉम से बातचीत में कहा कि कई बार ये मामला कोरà¥à¤Ÿ में गया है। आज à¤à¥€ किसी शखà¥à¤¸ ने कोरà¥à¤Ÿ में अरà¥à¤œà¥€ दाखिल की है। जिसको शिकायत है वो कोरà¥à¤Ÿ में सबूत देकर मेरी बात को खारिज कर सकता है। वरà¥à¤¨à¤¾ तो जब कोरà¥à¤Ÿ मांगेगा तो मैं अपने बयान से संबंधित सबूत पेश कर दूंगा। बाकी में इस बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› नहीं कहना चाहूंगा। मैं जानता हूं कि ये पबà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ पाने के लिठकी गई ओछी हरकत है।