सिखों की बलिदानी परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ अदà¤à¥à¤¤ और अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ : मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान
गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह का जीवन हजार सालों तक पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देता रहेगा – राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ शाह
गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह के 350वें पà¥à¤°à¤•ाश परà¥à¤µ पर जबलपà¥à¤° में हà¥à¤† à¤à¤µà¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सिखों जैसी बलिदानी परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ का दूसरा उदाहरण कहीं नहीं मिलता। जब-जब देश पर संकट आया सिख आगे आठऔर अपना सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µ मातृ-à¤à¥‚मि पर नà¥à¤¯à¥Œà¤›à¤¾à¤µà¤° कर दिया। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ अमित शाह ने कहा कि गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह जी ने देश की रकà¥à¤·à¤¾ और अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° से संघरà¥à¤· करने के लिठजो तà¥à¤¯à¤¾à¤— किया उसकी मिसाल नहीं मिलती और उनका जीवन आने वाली सदियों तक पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ बना रहेगा। शà¥à¤°à¥€ शाह ने यह विचार जबलपà¥à¤° में गोविनà¥à¤¦ सिंह जी महाराज के 350 वें पà¥à¤°à¤•ाश परà¥à¤µ पर आयोजित समारोह में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह जी ने अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° से लड़ने में सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š बलिदान दिया। अपने चार पà¥à¤¤à¥à¤° की शहादत के बावजूद गà¥à¤°à¥‚जी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°-रकà¥à¤·à¤¾ के अपने संघरà¥à¤· से विमà¥à¤– नहीं हà¥à¤ और उसे सततॠरूप से जारी रखा। शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि चाहे पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ संगà¥à¤°à¤¾à¤® हो या फिर सरदार à¤à¤—त सिंह का तà¥à¤¯à¤¾à¤— हो, सिखों की बलिदानी परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ अविचल बनी रही। दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ से यà¥à¤¦à¥à¤§ में सिखों ने अपने सीने पर गोलियाठखाई लेकिन अपने करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ से विमà¥à¤– नहीं हà¥à¤à¥¤ शà¥à¤°à¥€ चौहान ने कहा कि मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में वरà¥à¤· à¤à¤° पà¥à¤°à¤•ाश परà¥à¤µ होगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 1984 के दंगों के पीड़ित यदि सहायता से वंचित रह गठहैं तो सरकार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ राहत देने के लिठपूरी तरह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ है।
शà¥à¤°à¥€ अमित शाह ने कहा कि गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह जी ने अपना जीवन जिस पà¥à¤°à¤•ार जिया वैसा दूसरा उदाहरण इतिहास में कहीं नहीं मिलता। उनका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ सचà¥à¤šà¥‡ अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में à¤à¤• बहà¥à¤†à¤¯à¤¾à¤®à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ था। वे अपने जमाने के कवियों में सबसे बड़े कवि के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कई à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में साहितà¥à¤¯ की रचना की थी। गà¥à¤°à¥‚ जी ने बृज à¤à¤¾à¤·à¤¾ के शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤•रण का काम à¤à¥€ करवाया था। शà¥à¤°à¥€ शाह ने कहा कि हजार साल तक गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह जैसा योदà¥à¤§à¤¾ शायद ही कà¤à¥€ जनà¥à¤® ले। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि वीर होना à¤à¤• बात है किनà¥à¤¤à¥ बलिदानी होना à¤à¤• अलग बात है। खालसा पंथ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ कर देश की रकà¥à¤·à¤¾ का जो काम सिखों के दसवें गà¥à¤°à¥‚ जी ने शà¥à¤°à¥‚ किया था उसे देश कà¤à¥€ à¤à¥à¤²à¤¾ नहीं सकता। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने समाज के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤•ता कायम करने का काम किया। गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह के समय से आज तक देश की सीमा की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठबलिदान देने में सिख सबसे आगे हैं। शà¥à¤°à¥€ शाह ने कहा कि देश के हर कोने में 350वाठपà¥à¤°à¤•ाश परà¥à¤µ मनाठजाने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया गया है, à¤à¤²à¥‡ ही समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सिख निवास न करते हों। गà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह का तà¥à¤¯à¤¾à¤— और बलिदान हर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
दिलà¥à¤²à¥€ सिख गà¥à¤°à¥‚दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समिति के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ मंजीत सिंह ने दशमॠगà¥à¤°à¥‚ गोविनà¥à¤¦ सिंह की कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उलà¥à¤²à¥‡à¤– करते हà¥à¤ तà¥à¤¯à¤¾à¤— और बलिदान के उनके जजà¥à¤¬à¥‡ को अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤® बताया।
वरà¥à¤· 1984 के दंगा पीड़ितों की समिति के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· कà¥à¤²à¤¦à¥€à¤ª सिंह à¤à¥‹à¤—ल ने मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ से अनà¥à¤°à¥‹à¤§ किया कि मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¾ पाने से शेष रह गठदंगा पीड़ितों को राहत देने के लिठपहल करें। आरंठमें पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ हरेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤œà¥€à¤¤ सिंह बबà¥à¤¬à¥‚ तथा शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥‚ सिंह सà¤à¤¾ सदर बाजार गà¥à¤°à¥‚दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° सिंह ने अतिथियों का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया।
केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ परिवार कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ फगà¥à¤—न सिंह कà¥à¤²à¤¸à¥à¤¤à¥‡, चिकितà¥à¤¸à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ (सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°) तथा सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ परिवार कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शरद जैन, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महासचिव शà¥à¤°à¥€ कैलाश विजयवरà¥à¤—ीय, सांसद और पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ नंदकà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह चौहान, पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ संगठन महामंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¹à¤¾à¤¸ à¤à¤—त, सांसद शà¥à¤°à¥€ राकेश सिंह, शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¹à¤²à¤¾à¤¦ पटेल, पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ विनोद गोटिया, महापौर डॉ सà¥à¤µà¤¾à¤¤à¤¿ गोडबोले, विधायक शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¶à¥€à¤² तिवारी इंदॠऔर शà¥à¤°à¥€ अशोक रोहाणी, पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ अजय विशà¥à¤¨à¥‹à¤ˆ, à¤à¤¾à¤œà¤¯à¥à¤®à¥‹ के पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ अà¤à¤¿à¤²à¤¾à¤· पाणà¥à¤¡à¥‡ à¤à¥€ मौजूद थे।