किसानों को बरगला रहे नक्सली, बालाघाट में आंदोलन के समर्थन में फेंके पर्चे
पंजाब और हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन को अब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के नक्सली तूल दे रहे हैं। मध्य प्रदेश के बालाघाट के रूपझर जंगल में नक्सलियों द्वारा फेंके गए दो पेज वाले पर्चे पुलिस को मिले हैं।
पर्चे में किसानों को बरगलाने वाली बातें लिखी हैं। यह पर्चा प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) एमएमसी स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता की ओर से लिखा गया है।
आंदोलन स्थल के लिए कूच करें
पर्चे में लिखा है कि देश के सभी किसान आंदोलन का समर्थन करें। आंदोलन स्थल के लिए कूच करें। इसके अतिरिक्त लाल रंग के बैनर भी जंगल में लगे मिले हैं। उनमें भी पर्चे वाली बातें लिखी हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश से हैं।माना जा रहा है कि इसीलिए नक्सली किसान आंदोलन को और तूल देने की कोशिश कर रहे हैं। पर्चे मिलने के बाद पुलिस ने खुफिया तंत्र को किसानों के बीच सक्रिय कर दिया है।
पुलिस पता करने में जुटी
पुलिस गुप्त तरीके से यह भी पता करने में जुटी है कि बैनर लगाने और पर्चा चिपकाने वाले कौन लोग हैं। यह भी नजर रखी जा रही है कि पर्चों में लिखी भाषा से किसान भ्रमित न हो जाएं। पर्चे और बैनर में तीनों राज्यों के किसानों और मजदूरों से आंदोलन में भाग लेने की बात कही गई है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसानों का समर्थन पाने के लिए पहले भी नक्सलियों ने इस तरह का प्रयास किया है। अब आंदोलन के समर्थन में कर रहे हैं। आमजन में समर्थन पाने के लिए वह इस तरह काम करते हैं, पर जनता को उनका असली उद्देश्य व चेहरा पता है।