नए साल में लाड़ली बहनों को बड़ा झटका, इनके कटेंगे नाम
मध्यप्रदेश बीजेपी के लिए विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हुई लाड़ली बहना योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। नए साल 2025 में करीब 1 लाख 63 हजार लाड़ली बहनों के नाम काटे जाने की खबर है। ऐसे में नए साल में मिलने वाली 20वीं किस्त इन लाड़ली बहनों को नहीं मिल पाएगी।
जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को लाड़ली बहना योजना की 20वीं किस्त जारी होना है। किस्त जारी होने से पहले बाल विकास विभाग ने करीब 1 लाख 63 हजार से अधिक महिलाओं को अपात्र घोषित कर उनके नाम योजना से काट दिए है। योजना से काटे गए नामों में 60 साल से ज्यादा उम्र की लाडली बहनों के नाम शामिल बताए जा रहे है। नए साल में लाड़ली बहनों को ये बड़ा झटका है।
इन महिलाओं के कटे नाम!
बताया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने ऐसी महिलाओं के नाम योजना से काटे है जिनकी उम्र 60 साल से अधिक हो चुकी है। प्रदेश में करीब 1 लाख 63 हजार से अधिक ऐसी महिलाए है जो 60 की उम्र पार कर चुकी है। अब ऐसी महिलाओं को 10 जनवरी को आने वाली 20वीं योजना की किस्त नहीं मिलेगी। बता दें कि लाड़ली बहना योजना में उम्र का बंधन है। इसलिए इतनी तादात में बहनों के नाम काटे गए है। सरकार ने पिछले महीने 11 दिसंबर 2024 को 1.28 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की राशि ट्रांसफर की थी। नाम काटे जाने के बाद अब 1.26 करोड़ महिलाओं को ही राशि ट्रांसफर की जाएगी।
10 जनवरी को आएगी किस्त
आपको यह भी बता दें कि 10 जनवरी 2025 यानी कल लाड़ली बहना योजना की 20वीं किस्त जारी की जाएगी। मोहन सरकार ने महिला बाल विकास विभाग को निर्देश दिए है कि 10 जनवरी 2025 को महिलाओं के खातों में योजना की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
कब शुरू हुई थी योजना?
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लाड़ली बहना योजना बीजेपी के लिए साल 2023 के विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हुई है। इसी योजना ने बीजेपी को जीत का सेहरा पहनने में मदद की है। 2023 का विधानसभा चुनाव हो या फिर 2024 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के लिए लाड़ली योजना मास्टर स्ट्रोक साबित हुई है। इस योजना की शुरूआत एमपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। योजना के अंतर्गत सबसे पहले बहनों को 1 हजार रूपये दिए जाते थे। इसके बाद योजना की राशि को 1250 रूपये कर दी गई। शिवराज सिंह ने विधानसभा चुनाव से पहले बहनों से वादा किया था की वे योजना की राशि को 3 हजार रूपये महीने तक करेंगे।