जयमाला के समय बेहोश हुई दुल्हन, फिर फेरे लेने से किया इनकार, बारात लौटी; दूल्हा पहुंचा थाने
छिंदवाड़ा जिले के परासिया के खिरसाडोह में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जयमाला के समय दुल्हन बेहोश हो गई। बाद में उसने फेरे के समय शादी करने से इनकार कर दिया। इससे बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। दूल्हे ने रविवार को परासिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। परासिया के महाराष्ट्र बैंक के समीप रहने वाली युवती का विवाह रामाकोना निवासी युवक से तय हुआ था। विवाह समारोह के लिए खिरसाडोह के मैरिज लॉन को चुना गया था। शनिवार की रात बारात धूमधाम से पहुंची। बारात लगने के बाद जयमाला की रस्म शुरू हुई। दुल्हन ने दूल्हे के गले में जयमाला डाल दी, लेकिन जैसे ही दूल्हा जयमाला डालने के लिए आगे बढ़ा, दुल्हन चक्कर खाकर बेहोश हो गई। उसे परासिया स्टेशन रोड के अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन घंटे के इलाज के बाद उसे वापस पंडाल लाया गया। दोबारा जयमाला की रस्म हुई, फिर नेग और रीति-रिवाज पूरे किए गए।सभी रस्मों के बाद जब फेरे का समय आया, गठजोड़ बांधने के बाद दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। यह सुनकर परिजन और बाराती सकते में आ गए। जब दुल्हन से शादी से मना करने का कारण पूछा गया, तो उसने कुछ भी नहीं बताया और बस शादी नहीं करने की बात पर अड़ी रही। बताया गया कि दूल्हा रेलवे में ग्रुप डी कर्मचारी है, जबकि दुल्हन के पिता कोयला खदान में कार्यरत हैं। दुल्हन अभी पढ़ाई कर रही है, और दूल्हे ने पहले ही वादा किया था कि विवाह के बाद भी उसकी पढ़ाई जारी रहेगी।दूल्हे के जीजा ने बताया कि सभी रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन ने शादी से इंकार किया, जो गलत तरीका है। अगर, उसे शादी नहीं करनी थी तो पहले मना करना चाहिए था।बताया जा रहा है कि युवती पहले से ही विवाह के लिए तैयार नहीं थी और उसने अपने परिवार को इस बारे में अवगत भी कराया था। यहां तक कि वह इस मामले को लेकर पुलिस थाने भी गई थी। बावजूद इसके परिवार ने जबरदस्ती शादी कराने की कोशिश की। इस वजह से युवक को मानसिक आघात, आर्थिक नुकसान और सामाजिक प्रतिष्ठा का नुकसान उठाना पड़ा। बाराती भी स्तब्ध रह गए। सुबह जब उन्हें दुल्हन के साथ विदा होना था, तब उन्हें थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी पड़ी। सजी-धजी दूल्हे की गाड़ी दुल्हन को ले जाने की बजाय, पुलिस शिकायत के दस्तावेज लेकर लौट गई।