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सीएम मोहन से मिलने पहुंचे बड़े बीजेपी नेता को रोका... बोले- अपमानित होने नहीं आए, विधायक का भी मिला समर्थन; जानें

भाजपा नेताओं को नीमच में सीएम मोहन यादव से मिलने से रोका गया, जिससे वे नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस को खूब खरी-खोटी सुनाई। नेताओं का कहना था कि उन्होंने ही मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक को बनाया है। पुलिस के इस रवैये से नीमच के विधायक भी नाराज हो गए और उन्होंने भी सीएम से मिलने से इनकार कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर कांग्रेस नेता चुटकी ले रहे हैं। यह घटना उस समय हुई जब सीएम मोहन यादव गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के सिलसिले में नीमच पहुंचे थे।

बुधवार की शाम करीब 6 बजे गृह मंत्री अमित शाह नीमच पहुंचने वाले थे। उनका दो दिन का दौरा तय था। इसी सिलसिले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी नीमच पहुंचे थे। शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री नीमच की हवाई पट्टी पर पहुंचे।

पुलिस ने इनको रोका

विधायक दिलीपसिंह परिहार, भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल और अन्य भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता सीएम से मिलने पहुंचे। इनमें भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य महेंद्र भटनागर और भाजपा नेता व नगरपालिका अध्यक्ष के ससुर संतोष चौपड़ा भी अपने समर्थकों के साथ सीएम का स्वागत करने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इससे संतोष चौपड़ा और महेंद्र भटनागर नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई।

विधायक भी समर्थन में आए

संतोष चौपड़ा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नवलसिंह सिसोदिया से कहा कि उनका तरीका गलत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक को हमने ही बनाया है, पुलिस हमें इस तरह अपमानित नहीं कर सकती! यह कहते हुए दोनों भाजपा नेता और उनके समर्थक वापस जाने लगे। यह देखकर विधायक दिलीपसिंह परिहार भी उनके समर्थन में उतर आए और बोले कि ठीक है मुझे नहीं मिलना, मैं भी बाहर आ रहा हूं। तब जाकर एएसपी ने उन्हें समझाया। इसके साथ ही थाना प्रभारियों व पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि नेताओं को गेट पर नहीं रोका जाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई कांग्रेस नेता इस वीडियो को अपने-अपने सोशल मीडिया पर भी शेयर कर रहे हैं।

मामले पर पुलिस का कहना

एएसपी ने कहा कि उन्हें जो सूची मिली, उसी के अनुसार प्रवेश दिया गया। इस पर विधायक ने कहा कि वे भी बाहर खड़े रहेंगे। महेंद्र भटनागर ने भी नाराजगी जताई और कहा कि महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को भी नहीं रोका जाना चाहिए था। इसके बाद शोर सुनकर भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल सुरक्षा गेट तक पहुंचीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अंदर लाने के बजाय समझाया कि सीएम से मिलने में कोई धक्का-मुक्की न करे। उन्होंने कहा कि सभी को मिलने का मौका मिलेगा। बाद में विधायक के कहने पर एएसपी ने कार्यकर्ताओं को अंदर तो आने दिया, लेकिन सुरक्षा घेरे में नहीं जाने दिया। इस पर चर्चा शुरू हो गई कि वह कौन था, जिसने प्रशासन को सूची दी और उसमें नीमच के वरिष्ठ नेताओं और मंडल अध्यक्षों के नाम नहीं थे। जबकि पहले प्रधानमंत्री के दौरे में सभी नेताओं को मिलने दिया गया था।

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