मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का समग्र विकास: निवेश, नवाचार और नवचेतना की नई राह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश आज एक नई ऊर्जा, सोच और दिशा की ओर बढ़ रहा है। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका लक्ष्य केवल सत्ता का संचालन नहीं, बल्कि राज्य को आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के स्तर पर एक अग्रणी प्रदेश बनाना है। बीते महीनों में उन्होंने जिस गति और पारदर्शिता के साथ निर्णय लिए हैं, उससे प्रदेश में न सिर्फ निवेश का वातावरण सुदृढ़ हुआ है, बल्कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और शहरी नागरिकों को भी सीधा लाभ मिला है।
औद्योगिक निवेश: रतलाम और गुजरात में मिला ऐतिहासिक रिस्पॉन्स
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 27-28 जून 2025 को रतलाम में आयोजित ‘MP RISE 2025’ कॉन्क्लेव में उद्योग जगत से भारी निवेश प्रस्ताव मिले। इस दो दिवसीय आयोजन में ₹30,402 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए, जिनसे प्रदेश में 35,520 नई नौकरियों के सृजन की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री ने रतलाम को “सेव-साड़ी-सोना” से आगे बढ़ाकर “स्किल-स्केल-स्टार्टअप” के ट्रायंगल में बदलने की बात कही। इस मौके पर वॉलमार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ एमओयू साइन हुए और 47 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई जिनमें ₹1,670 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।
वहीं 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के सूरत शहर में निवेशकों से मुलाकात की और वहां भी शानदार प्रतिसाद मिला। ₹15,710 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे करीब 11,250 रोजगार के अवसर सामने आए। Detox Corp और KPI Green जैसे निवेशकों ने भारी निवेश की घोषणा की। इस मौके पर अहमदाबाद में MPIDC (मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम) का कार्यालय खोलने की घोषणा भी की गई, ताकि गुजरात के निवेशकों के साथ सीधे संवाद बना रहे।
अवसंरचना: इंदौर मेट्रो से विकास को मिली नई रफ्तार
प्रदेश की सबसे बड़ी स्मार्ट सिटी इंदौर में 31 मई 2025 को ‘इंदौर मेट्रो येलो लाइन’ के पहले चरण की शुरुआत हुई। देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट से लेकर झलकारी बाई स्टेशन तक की 6 किलोमीटर की लाइन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली हरी झंडी दी। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस रूट पर प्रतिदिन 50,000 से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव में कमी और प्रदूषण में सुधार दर्ज किया गया है।
इंदौर के बाद भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में भी मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति को गति दी जा रही है। रायसेन जिले में BEML की मेट्रो कोच निर्माण इकाई के लिए ज़मीन हस्तांतरित की गई है, जिससे प्रदेश भविष्य में मेट्रो कोच निर्माण का हब बन सकता है।
जल संरक्षण और पर्यावरण: 'जल गंगा संवर्धन अभियान' बना मिसाल
डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ राज्य की अब तक की सबसे बड़ी जल संरक्षण पहल बन चुका है। 30 मार्च से 30 जून 2025 तक चले इस 90 दिवसीय अभियान के तहत:
1.29 लाख जल संरचनाएं बनाई गईं।
1 लाख से अधिक कुओं का रिचार्ज किया गया।
38,000 खेत तालाब और 91 वाटरशेड परियोजनाएं पूरी की गईं।
2.3 लाख जलदूत स्वयंसेवकों की टीम बनाई गई।
इस अभियान की सफलता को देखते हुए सरकार ने 1 जुलाई से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत हर नागरिक से कम से कम एक पौधा माँ के नाम पर लगाने की अपील की गई है।
महिला सशक्तिकरण: लाड़ली बहनों को मिला आर्थिक बल
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को एक मिशन का रूप दिया है। ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत वर्तमान में महिलाओं को प्रति माह ₹1,250 की सहायता दी जा रही है, जिसे मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर बढ़ाकर ₹3,000 तक ले जाने की घोषणा की। इसके अलावा महिलाओं के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार को लेकर ‘देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन’ की शुरुआत की गई है।
लाड़ली बहना योजना से अब तक 1.31 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं, जिससे प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कृषि और ग्रामीण विकास: जल संसाधनों से खेतों तक
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए डॉ. मोहन यादव सरकार ने जल संसाधनों के प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। जल गंगा अभियान से अब तक 4 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक प्रदेश की 1 करोड़ हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाए।
साथ ही, मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और जल संरक्षण को जोड़ते हुए बड़ी संख्या में मजदूरों को काम दिया गया है। सरकार के अनुसार, सिर्फ इस अभियान के तहत ₹1,500 करोड़ का भुगतान श्रमिकों को किया गया।
खेल और युवा: 2028 ओलंपिक की तैयारी शुरू
राज्य सरकार ने खेलों को लेकर भी नई रणनीति अपनाई है। प्रदेश में 22 हॉकी एस्ट्रोटर्फ, 15 एथलेटिक ट्रैक, और 18 खेल अकादमियां बनाई जा रही हैं। ये सभी संरचनाएं वर्ष 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को हर आवश्यक सहायता देने का भरोसा दिया है—चाहे वो ट्रेनिंग हो, उपकरण हो या अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र। इससे प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को नई उड़ान मिल रही है।
पर्यटन और संस्कृति: पचमढ़ी से नीमच तक पर्यटन विकास
पर्यटन के क्षेत्र में भी सरकार ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। पचमढ़ी में ₹33 करोड़ की लागत से आदिवासी संग्रहालय, लॉजिस्टिक पार्क, और उच्च शिक्षा के लिए नए संस्थान बनाए जा रहे हैं। वहीं, गंधीसागर अभ्यारण्य में चीता पुनर्वास और जंगल सफारी के साथ पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम चल रहा है।
नागरिक हित: पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। CM Helpline 181 को और सशक्त बनाया गया है। सभी विभागों में डिजिटल फाइल ट्रैकिंग सिस्टम, ई-ऑफिस, और RTPS पोर्टल के जरिए सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व मध्य प्रदेश में केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी निगरानी, कार्यान्वयन और प्रभावी परिणाम पर भी उतना ही जोर देता है। विकास केवल बड़े शहरों में नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों, आदिवासी क्षेत्रों और पिछड़े जिलों तक पहुँच रहा है। प्रदेश की महिलाओं, युवाओं, किसानों और उद्यमियों को एक नया भरोसा मिला है।
मध्य प्रदेश अब न केवल विकास की दौड़ में शामिल है, बल्कि एक उदाहरण के रूप में उभर रहा है। यदि यह रफ्तार यूं ही बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब ‘हार्ट ऑफ इंडिया’ कहलाने वाला यह राज्य, देश की आर्थिक धड़कन भी बन जाएगा।