मौसम की खराबी ने रोका मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आना, सभा को वर्चुअली किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कोतमा के उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में आयोजित अमृत हरित महा अभियान अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए आने वाले थे, लेकिन सुबह से ही तेज बारिश और खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री स्वयं कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे और वर्चुअल माध्यम से उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।
बता दें कि दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम यहां निर्धारित था, लेकिन चार बजे तक वह यहां नहीं पहुंचे। इसके कुछ समय बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके यहां न पहुंचने की सूचना कार्यक्रम स्थल पर दी और मौसम की खराबी को इसकी वजह बताया। इसके बाद साढ़े चार बजे वर्चुअल माध्यम से वे कार्यक्रम में जुड़े और सभा को संबोधित किया। लगभग आधे घंटे तक मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करने के साथ ही कार्यक्रम में लोकार्पण और भूमि पूजन वर्चुअल माध्यम से किया।
सारे प्रयास के बावजूद नहीं पहुंच पाया
कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमरकंटक की पुण्य धरा पर मां नर्मदा का उद्गम हुआ जिससे अनूपपुर जिले की पहचान पूरे देश में बनी। उन्होंने कहा कि कोतमा आने के लिए आज सारे प्रयास के बावजूद नहीं पहुंच पाया। कोतमा पहुंचने के लिए रीवा तक पहुंच आया था लेकिन यहां मौसम की खराबी ने मुझे रोक दिया। इस बार नहीं आ पाया हूं लेकिन जल्द ही कोतमा में आप लोगों से मिलूंगा। उन्होंने NEET तथा JEE के निशुल्क कोचिंग का लोकार्पण करने के दौरान कहा कि इससे जिले में भविष्य में डॉक्टर और इंजीनियर प्राप्त होंगे। साथ ही उन्होंने अमरकंटक के रामसेतु का लोकार्पण करते हुए कहा कि रामसेतु जिले वासियों को हरिद्वार के लक्ष्मण झूले की याद दिलाता रहेगा।
अमरकंटक की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही स्थान है जहां भगवान श्री राम ने वनवास किया और भगवान राम की इस तपस्या को याद करने के लिए मध्य प्रदेश में 1450 किलोमीटर के क्षेत्र में राम पथ गमन मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें अनूपपुर जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में जिस तरह से राम मंदिर का निर्माण किया गया है इस तरह से चित्रकूट को भी अयोध्या की तरह विकसित करेंगे।