ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं टारगेट? नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान से सियासी हलचल, बिना नाम लिए जमकर साधा निशाना !
ग्वालियर-चंबल अंचल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आई है। मुरैना में एक कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। तोमर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को लेकर कुछ नेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का श्रेय केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता है।
नरेंद्र सिंह तोमर ने एक सभा को संबोधितक करते हुए कहा कि गांवों में सड़क, बिजली और नल-जल जैसी योजनाएं पहुंच रही हैं, लेकिन ये मेरे या मुरैना सांसद के कारण नहीं हुआ है। ये सब भाजपा सरकार की योजनाओं और नीतियों का परिणाम है। अपने भाषण में उन्होंने किसी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता कहते हैं कि मैं लाया, मैं लाया... लेकिन उन्हें मैं मैं से फुर्सत ही नहीं मिलती।
लंबे समय से सिंधिया गुट और तोमर गुट में बयानबाजी
बता दें कि नरेंद्र सिंह तोमर का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अंचल में ज्योतिरादित्य सिंधिया और तोमर गुट के बीच गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। दोनों गुटों के समर्थकों के बीच भी बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे और अब तोमर के इस सार्वजनिक बयान ने इस खींचतान की पुष्टि कर दी है।
तोमर के बयान को लेकर सियासत गरमाई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न केवल सिंधिया खेमे पर सीधा हमला है, बल्कि यह भाजपा के आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।