पीएम मोदी ने राहुल गांधी को याद दिलाया डोकलाम, जान लीजिए क्या है पूरा मामला
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर लोकसभा में जवाब देते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब मुद्दे भी पाकिस्तान से उधार लेने पड़ते हैं। जब पाकिस्तान वाले रोते हैं तो ये भी रोने लगते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में लोगों ने इनको मौका नहीं दिया वरना सियाचिन भी हमारे पास नहीं होता। कांग्रेस पर वार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के जो लोग हमें डिप्लोमैसी का पाठ पढ़ा रहे हैं, उन्हें बताना चाहता हूं कि 26/11 के हमले के बाद भी उनका पाकिस्तान प्रेम नहीं रुका। हमले के कुछ हफ्ते के अंदर ही पाकिस्तान सरकार से बातचीत शुरू हो गई थी।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि डोकलाम के दौरान कांग्रेस के एक नेता चुपके-चुपके किससे ब्रीफिंग ले रहे थे। एक दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस मामले को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला था। दरअसल साल 2017 में डोकलाम में भारत और चीन में तनाव के बाद राहुल गांधी ने चीन के राजदूत से मुलाकात की थी। चीनी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर राहुल गांधी की तस्वीर भी डाली थी। हालांकि बाद में इसे डिलीट कर दिया गया।
16 जून 2017 को भारत और चीन की सेना में तनाव शुरू हुआ था। वहीं 8 जुलाई को राहुल गांधी ने चीनी राजदूत लू झाओहुई से मुलाकात की थी। पहले तो कांग्रेस ने इस मुलाकात से किनारा किया। हालांकि चीनी दूतावास ने इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। विवाद के बाद दूतावास ने यह विज्ञप्ति हटा दी। बाद में कांग्रेस ने स्वीकार किया कि राहुल गांधी ने लू से शिष्टाचार मुलाकात की थी। कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी ने भूटान के राजदूत से भी मुलाकात की थी। बाद में राहुल गांधी ने कहा कि गंभीर मुद्दों की जानकारी लेना मेरा काम है।
सोमवार को लोकसभा में एस जयशंकर ने कहा था कि जब हमारी सेना डोकलाम में चीनी सेना का जोरदार सामना कर रही थी, उस समय राष्ट्रीय एकता की जरूरत थी, ना की पर्दे के पीछे से मुलाकात करने की। उन्होंने कहा था कि जब चीन अरुणाचल और कश्मीर के नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी कर रहा था तब कुछ लोग चीन में ही बैठकर ओलंपिक का आनंद ले रहे थे।
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिन्दूर को दुनिया भर से समर्थन मिला लेकिन दुर्भाग्य है देश के वीरों को अपने ही कुछ लोगों का साथ नहीं मिला। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिन्दूर पर लोक सभा में हुई चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता देश के रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री के बयानों-वक्तव्यों पर भरोसा नहीं करते हैं और ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर तरह-तरह के आख्यान गढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालात तो ऐसे हो गये हैं कि कांग्रेस को मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होना पड़ रहा है। दुर्भाग्य से कांग्रेस मुद्दों को पाकिस्तान से आयात कर रही है। आख्यान गढ़ कर सेनाओं को कमजोर करने के खेल खेले जाते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी पाकिस्तान के प्रपंच के प्रवक्ता बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के खिलाफ की गई देश की हर कार्रवाई के बाद सवाल उठाएजाते रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे गए। अब ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर भी तरह-तरह की बातें करते रहे हैं। ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर कांग्रेस के एक नेता ने यहां तक कह दिया कि यह एक ‘तमाशा’ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सेना को सोच-समझकर दुर्बल कर दिया गया। सैनिकों के लिए हथियारों का निर्माण बंद कर दिया गया। सेना को सैन्य साजोसामन के लिए पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब स्थितियां बदल रही हैं और सेना के लिए हथियार और अन्य उपकरण देश में ही निर्मित होने लगे हैं।