'हिंदू आतंकवाद’ शब्द गढ़ने के लिए कांग्रेस और दिग्विजय सिंह माफी मांगें: मोहन यादव
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत के फैसले का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और कहा कि कांग्रेस नेताओं, खासकर दिग्विजय सिंह को ‘हिंदू आतंकवाद’ का विमर्श गढ़ने और ‘संतों’ को बदनाम करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
ठोस सबूत नहीं होने पर हुए बरी
महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए बम विस्फोट से संबंधित मामले में एक विशेष अदालत ने भाजपा की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ‘विश्वसनीय और ठोस सबूत’ नहीं हैं। इस विस्फोट में छह लोगों की जान गई थी।
क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, सत्यमेव जयते...मालेगांव विस्फोट प्रकरण में सभी आरोपियों का निर्दोष सिद्ध होना कांग्रेस की संकुचित मानसिकता पर करारा प्रहार है। उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू आतंकवाद’ जैसे विमर्श गढ़ने वाली कांग्रेस को सदैव याद रखना चाहिए कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। यह निर्णय सनातन धर्म, साधु-संतों एवं भगवा को अपमानित करने वाले लोगों को करारा जवाब है। कांग्रेस को सभी सनातनियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
क्या बोलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि आज साध्वी प्रज्ञा निर्दोष साबित हुई है। उन्होंने उन्हें बधाई दी एवं न्यायालय का अभिनंदन किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, इस मामले में भगवा आतंकवाद की परिभाषा गढ़ी गई, जिसके जनक दिग्विजय सिंह थे और वह राहुल गांधी के इशारे पर यह काम कर रहे थे।
पूरी दुनिया में हिन्दुत्व को बदनाम करने के लिए इस्लामिक आतंकवाद के मुकाबले में भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा गया और इसे प्रमाणित करने के लिए बेकसूर लोगों को शिकार बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले के सारे आरोपी तो बरी हो गए लेकिन जिन्होंने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द गढ़ा था, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।