MP में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़; 2 महिलाओं की मौत, कई गंभीर रूप से घायल
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबरेश्वर धाम में मंगलवार दोपहर भारी भीड़ होने से दर्दनाक हादसा हो गया। भारी भीड़ के चलते वहां मची भगदड़ में दो महिलाओं की दबकर मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह भीड़ कांवड़ यात्रा में शामिल होने पहुंची थी। लेकिन उम्मीद से ज्यादा लोगों के पहुंचने से भगदड़ जैसी स्थिति बनी और यह हादसा हो गया। जिसके बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यात्रा में शामिल होने पहुंचे एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भी घबराहट और चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे के बाद भी कुबेरेश्वर धाम के आसपास इतनी ज्यादा भीड़ थी कि घायलों को जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर लाने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। घटना के 3 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन दोनों मृतकों की पहचान नहीं कर सका था।
यह हादसा तब हुआ जब सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में प्रसिद्ध शिवपुराण कथा वाचक प्रदीप मिश्रा बुधवार को कुबेरेश्वर धाम से चितावलिया हेमा गांव तक कांवड़ यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे। जिसमें शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों और आसपास के श्रद्धालु पहुंच गए, प्रशासन और आयोजकों का दावा था कि 4 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था शहर के कई हिस्सों में कई गई थी, जिसमे नमक चौराहा, राधेश्याम कॉलोनी, बजरंग अखाड़ा, अटल पार्क, शास्त्री स्कूल, लुर्द माता स्कूल और सीवन नदी के पास की गई थी।
पूरे सावन मास प्रसादी वितरण की तैयारी भी की गई थी, लेकिन एक दिन पहले ही भीड़ का दबाव बढ़ने से व्यवस्था टूट गई ओर भंडारे, ठहराव और दर्शन के लिए जगह कम पड़ने लगी, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। कई स्थानों पर अफरातफरी का माहौल बन गया। तीन लोग नीचे गिर गए। इनमें से दो की दबने से मौत हो गई। वहीं घटना के बाद 8 से 10 श्रद्धालु चक्कर आने और घबराहट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
इस भगदड़ को लेकर जब स्थानीय विधायक सुदेश राय से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि विधानसभा के मॉनसून सत्र के चलते भोपाल में आया हूं, घटना की जानकारी लगी है, हादसे को लेकर बेहद दुख है। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को दी गई है। भीड़ ज्यादा होने के चलते यह हादसा हुआ है जल्द ही मौके पर पहुंचकर देखूंगा कि यह अनहोनी कैसे हुई।' बता दें कि कुबेरेश्वर धाम में बुधवार को कांवड़ यात्रा निकलना है इसमें शामिल होने दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु यहां आए हैं। पुलिस और प्रशासन ने अपनी ओर से सभी इंतजाम कर रखे हैं।
एसपी दीपक शुक्ला ने बताया था कि अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने एसडीएम तन्मय वर्मा को पूरी व्यवस्था का प्रभारी नियुक्त किया गया है। कांवड़ यात्रा के लिए 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 11 बजे तक अलग-अलग डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू किया गया है, इसमे भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजने और छोटे वाहनों को न्यू क्रिसेंट चौराहा से अमलाहा होते हुए भेजने की योजना थी। लेकिन हादसे के समय तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया है और अधिकारियों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कहा है। साथ यह भी निर्देश दिए है की आयोजक और प्रशासन इस बात का ध्यान रखें, भविष्य में इस तरह की घटना न हो।