50 हजार की रिश्वत लेते ही दबोचा गया वनरक्षक,
लालबर्रा में गुरुवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने वनरक्षक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वनरक्षक मत्तम नगपुरे, लालबर्रा वन परिक्षेत्र के नवेगांव बीट में पदस्थ था। जानकारी के मुताबिक, सोनेवानी अभयारण्य के विस्थापन प्रकरण में वनरक्षक ने ग्रामीण राजेन्द्र धुर्वे से रिश्वत मांगी थी। यहां तीन गांवों का विस्थापन किया जा रहा है, जिसमें नवेगांव भी शामिल है। सरकार प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपए की सहायता राशि दे रही है। पहली किस्त के तौर पर 5 लाख रुपए ग्रामीणों के खातों में डाले जा चुके हैं। इसी रकम को लेकर वनरक्षक ने कागजी कार्रवाई करने के नाम पर पहले चार लाख रुपए की मांग की। बाद में सौदा 3.5 लाख रुपए में तय हुआ।
शिकायत पर बिछाया गया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान ग्रामीण ने EOW जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई तो गुरुवार दोपहर टीम ने जाल बिछाया। तय स्थान स्टेट बैंक के पास राजेन्द्र ने वनरक्षक को 50 हजार रुपए नकद दिए और 3 लाख रुपए की निकासी का सबूत दिखाया। जैसे ही नगपुरे ने रकम पकड़ी, टीम ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया।
केस दर्ज, आगे होगी सख्त कार्रवाई
EOW ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत केस दर्ज कर लिया है। टीम ने मौके से साक्ष्य जब्त किए हैं और आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने कहा– राहत की बात है
ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापितों को मिल रही सरकारी सहायता राशि पर हाथ डालना बेहद शर्मनाक है। लोगों ने EOW की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।