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हर बूथ मजबूत;प्रियंका गांधी ने क्यों चुनी MP की ये सीट, स्पीकर नरेंद्र तोमर से है कनेक्शन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी अभियान के बाद अब प्रियंका गांधी देश की 5 विधानसभा सीटों पर 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम शुरू करने जा रहीं हैं। देश के पांच राज्यो में एक-एक विधानसभा सीटों को इस प्रोग्राम के लिए चुना गया है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी ने 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम के लिए मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट को चुना है। दिमनी से बीजेपी के कद्दावर नेता और मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर विधायक हैं।

क्या है पूरा कार्यक्रम?

इस कार्यक्रम के तहत चुने गए विधानसभा क्षेत्र में 20-20 बूथों के कलस्टर बनाए जाएंगे। हर कल्स्टर पर बूथ रक्षक नियुक्त किया जाएगा। बूथ रक्षक को प्रियंका गांधी की टीम ट्रेनिंग देंगी। बूथ रक्षक अपने कल्स्टर की बूथ समितियों के सदस्यों को गाइड करेगा। बूथ रक्षक ये सुनिश्चित करेंगे कि किस मतदान केन्द्र पर कितने मतदाताओं के नाम गलत जुडे़ हुए हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में चुनाव के दो महीने पहले काटे, जोड़े गए नामों का एनालिसिस करेंगे।

बूथ रक्षक बीएलओ के साथ ये सुनिश्चित करेंगे कि एक भी सही वोटर मतदाता सूची से न छूटे और एक भी गलत नाम वोटर लिस्ट में शामिल न रहे। इस प्रोजेक्ट को प्रियंका गांधी खुद लीड कर रहीं हैं। ऐसे में टीम के लिए दिल्ली से मुरैना आना ज्यादा आसान हो सकता है। मप्र में 2003 से भाजपा की सरकार होने के बावजूद चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा आती हैं, जिनमें से पांच विधानसभाओं में कांग्रेस के विधायक हैं, वहीं भाजपा के पाले में केवल तीन विधानसभा सीटें हैं।

कौन कितना मजबूत?

मध्य प्रदेश में 2023 से भाजपा की सरकार है लेकिन चंबल क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत बनी हुई है। मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट में आठ विधानसभा क्षेत्र हैं, इनमें से पांच विधानसभा क्षेत्रों श्योपुर, विजयपुरा, जौरा, मुरैना और अम्बाह में कांग्रेस के विधायक हैं जबकि भाजपा के पास केवल तीन विधानसभा क्षेत्र सबलगढ़, सुमावली और दिमनी है। मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट पर 2024 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सत्यपाल सिंह सिकरवार 52,530 वीटो के अंतर से हार गए थे। इस चुनाव में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी बीजेपी प्रत्याशी शिवमंगल सिंह तोमर मुरैना से सांसद बने थे।

दिमनी सीट पर जातिगत समीकरण....

-ठाकुर - 84 हजार

-ब्राह्मण - 20 हजार

-गुर्जर 12 हजार

-हरिजन 25 हजार

-यहां हर बार के चुनाव में रोजगार एक प्रमुख मुद्दा गूंजता है।

2008 में अनारक्षित हुई दिमनी विधानसभा सीट से शिवमंगल सिंह तोमर विधायक बने थे। इसके बाद 2013 में बसपा की बलवीर सिंह दंडोतिया चुनाव जीते। 2018 में कांग्रेस के गिर्राज दंडोतिया चुनाव जीते, फिर 2020 में गिर्राज ने सिंधिया के साथ बीजेपी ज्वाइन कर ली। इसके बाद हुए उप चुनाव में कांग्रेस के रविंद्र सिंह तोमर ने जीत दर्ज की और 2023 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र सिंह तोमर विधायक बने।

मुरैना की दिमनी सीट केवल भौगोलिक रूप से देश की राजधानी दिल्ली के पास है, ऐसे में प्रियंका गांधी की टीम यहां जल्दी पहुंच सकती है, जबकि चुनावी इतिहास पर नजर डाली जाए तो कांग्रेस यहां मजबूत रही है। ऐसे में कांग्रेस इसी सीट से अपना मैनेजमेंट शुरू करने की तैयारी में है, जिसकी कमान प्रियंका गांधी खुद संभालेगी। प्रियंका गांधी के इस अभियान को लेकर भाजपा तंज कस रही है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में ग्वालियर चंबल अंचल वह इलाका है जहां मोदी लहर में भी कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही.ऐसे में सबसे ज्यादा कांग्रेस को इसी इलाके से उम्मीद है। इसलिए आगामी समय में होने वाले विधानसभा लोकसभा चुनाव के लिए सबसे ज्यादा ताकत झोंकने की तैयारी में है।

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