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मुस्लिम समाज ने किया बाबा बागेश्वर का स्वागत, ब्रज पहुंची सनातन एकता पदयात्रा

बाबा बागेश्वर की सनातन यात्रा के छठवें दिन पदयात्रा ब्रज क्षेत्र में प्रवेश कर गई। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा जैसे ही सराय गांव पहुंची वैसे ही यहां के सरपंच इरशाद खान ने अपने अन्य साथी साहुन खान व तमाम लोगों के साथ महाराज श्री का भगवा शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। पीठाधीश पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्लिम समाज का स्वागत स्वीकार करते हुए उनसे कहा कि वे अपने बच्चों को राष्ट्रवादी शिक्षा दें, उन्हें जिहादी और आतंकी बनने से बचाएं।बाबा ने कहा कि हम किसी समाज के विरोधी नहीं हैं। हम एपीजे अब्दुल कलाम को भी सेल्यूट करते हैं और रहीम-रसखान के गीत भी गाते हैं। सरपंच इरशाद खान ने कहा वे और उनका समुदाय बाबा की इस सोच को समाज तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे।पदयात्रा के छठवें दिन दंडी स्वामी के अलावा कृष्णानंद महाराज, स्वामी परमेश्वराचार्य, जगतगुरु बलराम देवाचार्य, महंत सत कुमार दास, हरि कृष्णानंद महाराज अमेरिका, आचार्य मृदुल कांत, आर.के. पांडे, सुनील दास मान मंदिर, चमेली वन के महंत घनश्याम वशिष्ठ विशेष रूप से उपस्थित रहे।हनुमान चालीसा और ध्वजारोहण के बाद छठवें दिन 85 साल के किशन सिंह, 65 साल के मोहनदास और सिक्का कपित सहित संतों की उपस्थिति में पदयात्रा शुरू हुई। महाराज श्री ने 90 वर्ष की शांति देवी को मंच पर बैठाया और पट्टिका डालकर सम्मानित किया। वहीं 85 वर्ष की गुलबंदी देवी मंच पर पहुंचते ही झूम उठीं।

कट्टर हिंदूवादी नेता और भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर छठवें दिन की यात्रा में शामिल हुईं। दोपहर भोजन के अवसर पर बंचारी में उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन हिंदू एकता के सैलाब को देखकर लोग जल रहे हैं। भगवान से प्रार्थना है कि जलने वाले लोग पूर्ण रूप से जल जाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग महाराज पर उंगली उठाते हैं, उनके मन में चोर है। यात्रा में अत्यंत थकावट होने और धूल उड़ने के कारण महाराज श्री की तबीयत बिगड़ती जा रही है। बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाने के बाद भी महाराज श्री सड़क पर चलने से खुद को नहीं रोक पा रहे। पदयात्रा के मुखिया बाबा का कहना है कि शरीर का एक-एक कतरा सनातनियों के लिए है, उन्हीं के लिए जिएंगे और उन्हीं के लिए मरेंगे।बागेश्वर महाराज के स्वास्थ्य की जांच करने वाले देहरादून के डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ दिनों से महाराज श्री का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, उन्हें वायरल बुखार है। आज भी 100 डिग्री से अधिक तापमान है। दो-तीन दिन आराम होना चाहिए। यात्रा के बीच गांव के पास एक युवक विकास वाल्मिकी अपने साथियों के साथ ढोल-नगाड़े बजाकर महाराज जी का स्वागत कर रहा था। बागेश्वर महाराज ने स्वयं ढोल बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया और साथ बैठकर भोजन किया। महाराज श्री ने समरसता का संदेश देते हुए कहा की जात-पात की कोई खाई नहीं रहनी चाहिए।बागेश्वर महाराज ने आसपास के गांव से आए लोगों की चौपाल सड़क पर ही लगा दी और आत्मीयता के साथ चाय पिलाते हुए उनसे हिंदू राष्ट्र के संबंध में चर्चा की। 
बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह यात्रा भले ही 10 दिन में विराम हो जाएगी लेकिन विचारों में बदलाव की यात्रा जारी रहनी चाहिए। हर गांव से हिंदू राष्ट्र की आवाज उठेगी तभी हम परिणाम तक पहुंच पाएंगे।
 
 
MP News: Bageshwar Maharaj’s Sanatan Ekta Yatra reaches Braj, Muslim community welcomes him promoting harmony
 
 
 




 
 




 

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