सीएम मोहन के बेटे के विवाह में 8 राज्यपाल व 11 CM होंगे शामिल; जानिए बारात और फेरों का समय
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी की रस्म निभाना शुरू हो चुकी है। शादी समारोह में हल्दी, मेहंदी, माता पूजन और मण्डप के आयोजन हो चुके है। आज शाम को होटल अथर्व मे महिला संगीत होगा जिसके बाद सीएम मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव, खरगोन की डॉ. इशिता के संग सामूहिक विवाह समारोह में विवाह बंधन में बंधेंगे।सामूहिक विवाह समारोह के लिए 8 राज्यों के राज्यपाल और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण दिया है। बताया जाता है कि इस समारोह के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बिहार, आचार्य देवव्रत गुजरात, बंडारू दत्तात्रेय हरियाणा, थावरचंद गेहलोत कर्नाटक, लॉस एंजिल्स नागालैंड, डॉ. हरीबाबू कंभमपाटि ओडिशा, गुलाबचंद कटारिया पंजाब, हरिभाऊ किशनराव बांगड़े राजस्थान, आनंदीबेन पटेल उत्तरप्रदेश को आमंत्रित किया गया हैं। इनके साथ ही 11 राज्यों के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली, पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश, हिमंत बिस्वा सरमा आसाम, नीतिश कुमार बिहार, विष्णु देव साय छग, प्रमोद सावंत गोआ, भूपेंद्र पटेल गुजरात, हरियाणा, मोहन चरण मांझी नायबसिंह सैनी ओडिशा, भजनलाल शर्मा राजस्थान, योगी आदित्यनाथ उत्तरप्रदेश को भी आमन्त्रण भेज गया है।30 नवंबर 2025 को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ब्रिज के पास, मां शिप्रा के पावन तट पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होगा। इस आयोजन में बारात सुबह 8 बजे होटल इम्पीरियल चौराहे से प्रारंभ होकर विवाह स्थल पर आएगी। उसके बाद विवाह स्थल पर एक बड़े मंच पर मुख्यमंत्री व अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में वरमाला की विधि सम्पन्न होगी। बताया जाता है कि दोपहर 11 से 3 बजे के मध्य पाणिग्रहण और सप्तपदी की रस्म होगी। इस आयोजन मे सभी 21 विवाह (मुख्यमंत्री के पुत्र सहित) एक ही स्थल पर अलग-अलग निर्मित 21 मंडपों में एक साथ सम्पन्न होंगे।
वीआईपी के लिए वातानुकूलित डोम
हरिफाटक वाकणकर ब्रिज के समीप सांवराखेड़ी में होने जा रहे इस सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। विवाह स्थल पर एक डोम में विशेष रूप से पांच ग्रीन रूम तैयार किए गए हैं। भोपाल से आए गोलू विश्वकर्मा समेत 30 कारीगरों ने प्लाइवुड और फ्लेक्स से ये आकर्षक कमरे मात्र 24 घंटे में तैयार किए हैं। इन ग्रीन रूम्स की खासियत है कि प्रत्येक में वेस्टर्न लैटबाथ अटैच है। इसके अलावा, एक पेंट्री रूम भी बनवाया गया है, जहाँ वीआईपी के लिए चाय-नाश्ते की सुविधा रहेगी। इनमें से चार ग्रीन रूम सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने वाले वीआईपी के लिए हैं, जबकि एक ग्रीन रूम मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लिए रहेगा। समारोह स्थल पर शनिवार को भी तैयारी चलती रही।
विशेष इंतजाम किए गए
मुख्यमंत्री के पुत्र के विवाह को देखते हुए 30 नवंबर को उज्जैन में यातायात सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक उज्जैन धार्मिक नगरी है और यहां पर आमतौर पर भी पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चलाती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यहां आयोजित विवाद समारोह में शामिल होने के लिए कई वीआईपी उज्जैन आ रहे हैं इसीलिए सुरक्षा के साथ-साथ यातायात के बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
पांच रूट पर वाहन प्रतिबंधित महाकाल मंदिर जाने के 2 रूट
रविवार को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में मप्र के लगभग सभी मंत्री यानी की पूरी सरकार ही उज्जैन में मौजूद रहेंगी। इसके अलावा राज्यपाल व कुछ केंद्रीय मंत्रियों के भी इस समारोह में शामिल होने की संभावना है। समारोह में 5 हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहेंगे। इस आयोजन के लिए टै्रफिक पुलिस ने भी प्लान तैयार किया है। रविवार सुबह से लेकर शाम तक समारोह स्थल के आसपास के पांच रूट पर सभी तरह के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। बड़ी संख्या में वीआईपी आगमन को देखते हुए टै्रफिक पुलिस ने अलग-अलग रूट बनाए है। हरिफाटक वाला रूट महाकालेश्वर जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए भी अहम रहता है लिहाजा दर्शन के लिए पृथक व्यवस्था बनाई जाएगी। महाकाल मंदिर के लिए दो रास्ते अलग से तय किए गए हैं। इसका उपयोग करके श्रद्धालु मंदिर तक आ-जा सकेंगे।
ये रूट रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित
शांति पैलेस से हरिफाटक मार्ग।
नीलगंगा चौराहे से हरिफाटक मार्ग।
लालपुल से हरिफाटक मार्ग।
आस्था गार्डन तिराहे से सिंहस्थ बायपास मार्ग।
इंजीनियरिंग कॉलेज से आस्था गार्डन तिराहा मार्ग।
समारोह के लिए यह रहेगी व्यवस्था
इंदौर, देवास, भोपाल रूट से जो भी अतिथि आएंगे, वे तपोभूमि, आस्था गार्डन तिराहा, सिंहस्थ बायपास दाउदखेड़ी होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेगे।
बडनगर, उन्हेल, नागदा रूट से आने वाले अतिथि धरम बड़ला और साढू माता की बावड़ी से सिंहस्थ बायपास होते हुए समारोह स्थल तक जाएंगे।
उज्जैन शहर से समारोह में शामिल होने वाले अतिथि तीन बत्ती, लोति तिराहा, हनुमान नाका, जंतर-मंतर, लालपुल छोटी रपट, पंचमुखी हनुमान होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे।