नई आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी: 20% तक बढ़ेंगी शराब की कीमतें, अब हर साल नहीं होगा दुकानों का नवीनीकरण
राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद प्रदेश में शराब के दामों में औसतन 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। साथ ही अब शराब दुकानों का हर वर्ष नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर प्रक्रिया से किया जाएगा। पहले की तरह साल-दर-साल नवीनीकरण की परंपरा समाप्त कर दी गई है। सरकार का तर्क है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रह में सुधार होगा। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी मद से करीब 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह लक्ष्य ऊंचा रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई नीति से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।नई नीति के तहत आवंटन प्रक्रिया में सुरक्षा राशि और बैंक गारंटी से जुड़ी शर्तों में भी संशोधन किया गया है। अब पहले जैसी एफडी और सामान्य बैंक गारंटी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इसके स्थान पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-चलान और ई-बैंकिंग माध्यम से शुल्क जमा कराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। शराब निर्माण से जुड़ी कंपनियों को अपने उत्पाद की कीमत निर्धारण में कुछ लचीलापन दिया गया है। इससे उद्योग क्षेत्र को प्रतिस्पर्धा के अनुरूप काम करने में सुविधा मिलेगी।