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विधानसभा अध्यक्ष बोले- कानूनी राय के बाद की राजेंद्र भारती की विस सदस्यता खत्म, आगे कोर्ट का आदेश मानेंगे

दतिया से विधायक राजेंद्र भारती के मामले में न्यायालय द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर स्पष्ट किया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि  लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो वह स्वतः अयोग्य हो जाता है। न्यायालय के निर्णय के बाद यह सूचना विधानसभा को मिली, साथ ही एक नागरिक द्वारा भी इस फैसले के पालन का आग्रह किया गया था।

कानूनी राय के बाद लिया गया निर्णय
उन्होंने बताया कि मामले में विधानसभा ने अपने विधि विशेषज्ञों और एडवोकेट जनरल से राय ली। इसके बाद कानून के अनुरूप कार्रवाई करते हुए राजेंद्र भारती की सदस्यता को अयोग्य घोषित किया गया। इस निर्णय की जानकारी चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों को भी भेज दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इससे पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी आशा रानी सिंह की सदस्यता उन्हें 10 वर्ष की सज़ा होने पर इसी आधार समाप्त की गई थी। 2019 में प्रह्लाद लोधी की भी सदस्यता इसी प्रकार दो वर्ष की सजा होने पर समाप्त की गई थी फिर वह हाई कोर्ट से स्थग्न ले आये थे तो उनकी सदस्यता बहाल की गई थी।

आरोपों पर टिप्पणी से किया परहेज
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह विधि और नियमों के अनुसार की गई है। विधानसभा सचिवालय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करता है। यहां निर्णय भी निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप पर टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा गया कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।

रात को दिल्ली से लौटे थे पीएस
रात को आदेश जारी करने पर उन्होंने कहा कि विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार रात दिल्ली से लौटे थे। वे गुरुवार रात को आवश्यक शासकीय कार्य करने के लिए सचिवालय आए थे। साथ में उनका स्टाफ भी था। रविवार 5 अप्रैल को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माननीय यज्ञदत्त शर्मा की जयंती समारोपूर्वक मनाई जाना है। सचिवालय उसकी भी तैयारी कर रहा है|

आगे कोर्ट के आदेश सर्वोपरि
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस मामले में न्यायालय का कोई नया आदेश आता है, तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में विधानसभा की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।

 
 

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