Homeदेश विदेश ,slider news,
शहीदों के शवो से उतरे हुए और फ़टे तिरंगे का क्या होता है, जानिए ऐसे ही कुछ फैक्ट्स

सबसे पहली बार तिरंगा कब और कहां, फहराया गया था? राष्ट्रध्वज फटने पर क्या किया जाता है? à¤¤à¤¿à¤°à¤‚गे से जुड़े कुछ अहम फैक्ट्स।

क्या किया जाता है शहीदों के शव से उतारे गए तिरंगे को...
 
- देश के लिए शहीद हुए जवानों को सम्मान देने के लिए उनका पार्थिव शरीर राष्ट्रध्वज में लपेटा जाता है।
- इस दौरान केसरिया पट्टी को सिर की तरफ और हरी पट्टी को पैरों की तरफ रखा जाता है।
- शहीद के अंतिम संस्कार से पहले तिरंगे को पार्थिव शरीर से उतार लिया जाता है।
- उतारे गए झंडे को सम्मान के साथ नष्ट कर दिया जाता है।
 
 
पिंगली वैंकेया ने डिजाइन किया था तिरंगा

- भारत के राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वैंकेया ने डिजाइन किया था।
- वेंकैया ने इसके लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से सलाह ली और उन्हें इस ध्वज के बीच में अशोक चक्र रखने की सलाह दी, जो संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संकेत बने।
- उन्होंने 5 सालों तक 30 देशों के झंड़ों पर रिसर्च किया और इस रिसर्च के नतीजे के तौर पर भारत को राष्ट्रध्वज के तौर पर तिरंगा मिला।
- आज जो तिरंगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज है उसका यह छठवां रूप है।
- इसको 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था, जो 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पहले आयोजित की गई थी।
 

Share This News :