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टीवी देखने से कम होती है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€..
à¤à¤• अधयà¥à¤¯à¤¨ में सामने आया है कि जो बचà¥à¤šà¥‡ टीवी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखते हैं उनकी रचनातà¥à¤®à¤•ता खतà¥à¤® हो सकती है। इस अधयà¥à¤¯à¤¨ में सामने आया है कि किताबें पढ़ने या पहेली हल करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में, दिन में पंदà¥à¤°à¤¹ मिनट या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक टेलीविजन पर अपना पसंदीदा कारà¥à¤Ÿà¥‚न देखने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रचनातà¥à¤®à¤•ता खतà¥à¤® होने का खतरा बढ़ जाता है।
बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡à¤¶à¤¾à¤¯à¤° विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ सराह रोज ने कहा कि साफतौर पर इसके सबूत मिले हैं कि टेलीविजन देखने के तà¥à¤°à¤‚त बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मूल विचारों की कमी हो जाती है। हालांकि, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ये à¤à¥€ कहा कि ये पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ थोड़े समय बाद गायब हो गà¤à¥¤ रोज ने बताया कि यदि बचà¥à¤šà¥‡ अपने खेल में कम रचनातà¥à¤®à¤• हैं तो आगे चलकर इसका उनके विकास पर नकारातà¥à¤®à¤• असर पड़ सकता है।
सराह ने कहा कि ये धारणा पाई जाती है कि धीमी गति वाले कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ देने वाले होते हैं लेकिन हमारे नतीजे इसका समरà¥à¤¥à¤¨ नहीं करते। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में शोध दल ने तीन साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रचनातà¥à¤®à¤•ता पर टेलीविजन के ततà¥à¤•ाल असर को देखा। इसमें पोसà¥à¤Ÿà¤®à¥ˆà¤¨ पैट सीरियल देखने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ किताब पढ़ने और पहेली हल करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से की गई। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रचनातà¥à¤®à¤• विचारों का परीकà¥à¤·à¤£ किया गया।
ये अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठटेलीविजन शो बनाने वालों, छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने वालों और माता-पिता के लिठउपयोगी साबित हो सकता है। इन नतीजों को हाल में ही बेलफासà¥à¤Ÿ में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ साइकोलॉजिकल डेवलपमेंट कांफà¥à¤°à¥‡à¤‚स में पेश किया गया।

