रेलबजट : जेटली की पोटली से मिलेगी ये सौगात? बदलेगी रेलवे की तसà¥à¤µà¥€à¤°..!
नोटबंदी के बाद देश के बजट पर सà¤à¥€ की निगाहें हैं. बीते दो साल से रेल मंतà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤¶ पà¥à¤°à¤à¥ रेल अपनी टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤° सेवा, रेलवे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ को लेकर जनता के बीच काफी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हà¥à¤ हैं, लेकिन दो साल में रेलवे की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर à¤à¥€ सवाल उठे हैं. बीते दो से तीन महिनों में ही कानपà¥à¤° से लेकर आंधà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की रेल दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं ने यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मन में असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का à¤à¤¾à¤µ पैदा किया है.
अहम बात यह है कि इस साल रेल बजट आम बजट के साथ ही पेश हो रहा है. à¤à¤¸à¥‡ में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बड़े रेलवे नेटवरà¥à¤• और सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इंपà¥à¤²à¥‰à¤¯à¥€ वाले इस उपकà¥à¤°à¤® को जहां आम बजट से काफी उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ हैं, वहीं यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ कई सेवाओं, किराये में कटौती और विशेष रूप से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की आस है.
जाहिर है यूनियन बजट के साथ ही पेश हो रहे रेल बजट में वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ रेलवे को कà¥à¤¯à¤¾ दे सकते हैं, इसके बारे में ठोस रूप से कà¥à¤› नहीं कहा जा सकता. संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि रेलवे के लिठबहà¥à¤¤ कà¥à¤› लोकलà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨ ना हो, लेकिन à¤à¤²à¤†à¤ˆà¤¸à¥€ के साथ किठनिवेश करार, कà¥à¤› नई डिजिटल सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के विसà¥à¤¤à¤¾à¤°, साफ-सफाई, खान-पान की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं, नई और फासà¥à¤Ÿ गाड़ियों को चलाने की घोषणाà¤à¤‚ यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को राहत दे सकती हैं.
जानकार मान रहे हैं कि रेलवे में निवेश को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देने पर जोर होगा. राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ रेल संरकà¥à¤·à¤¾ कोष का à¤à¤²à¤¾à¤¨ हो सकता है, और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ रेल संरकà¥à¤·à¤¾ कोष 5 साल के लिठहोगा. यही नहीं रेलवे के लिठ1.19 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के फंड का à¤à¤²à¤¾à¤¨ à¤à¥€ संà¤à¤µ है, जबकि पहली किसà¥à¤¤ में 15000-20000 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का à¤à¤²à¤¾à¤¨ मà¥à¤®à¤•िन है.