गलत साबित होती हà¥à¤ˆ धरती के विनाश की à¤à¤• और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ !
धरती के खातà¥à¤®à¥‡ की à¤à¤• और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ गलत साबित होती हà¥à¤ˆ दिख रही है. सà¥à¤¬à¤¹ 9:30 बजे तक इस तरह के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं दिà¤.
मिसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² यूनिवरà¥à¤¸ नाम की à¤à¤• वेबसाइट ने कहा था कि निबिरू नाम के à¤à¤• गà¥à¤°à¤¹ का टà¥à¤•ड़ा 17 फरवरी (शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤°) को पृथà¥à¤µà¥€ से टकराà¤à¤—ा, इससे धरती पर पà¥à¤°à¤²à¤¯ आà¤à¤—ा. कहा गया था निबिरू सैकड़ों साल पहले नषà¥à¤Ÿ हो चà¥à¤•ा गà¥à¤°à¤¹ है, जिसके टà¥à¤•ड़े अंतरिकà¥à¤· में बिखरे हà¥à¤ हैं. इन टà¥à¤•ड़ों में à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ टà¥à¤•ड़ा है जो सबसे बड़ा है. यह टà¥à¤•ड़ा तेजी से धरती की ओर बढ़ रहा है. हालांकि दावे की कोई और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं की गई थी, लेकिन लोगों में खौफ जरूर पैदा हो गया था.
अंतरिकà¥à¤· विशेषजà¥à¤ž डयोमिन डेमिर जखरोविच के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, नासा को इसकी जानकारी है लेकिन वह इसे छà¥à¤ªà¤¾ रहा है. जखरोविच की मानें तो यह चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ पृथà¥à¤µà¥€ के लगà¤à¤— ढाई किमी के दायरे से यदि गà¥à¤œà¤°à¥‡ तो तबाही नहीं आà¤à¤—ी. लेकिन यदि यह धरती के à¤à¥€à¤¤à¤° तक आ गई तो हालात बेकाबू हो जाà¤à¤‚गे. à¤à¤¸à¤¾ होने पर परिणाम à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ हो जाà¤à¤‚गे जो सà¥à¤¨à¤¾à¤®à¥€ या विशाल तूफान के रूप में सामने आ सकते हैं और इसका गंà¤à¥€à¤° परिणाम होगा कि कई शहर तबाह हो जाà¤à¤‚गे.
वहीं नासा ने à¤à¤¸à¥€ किसी à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से इंकार किया है. पांच साल पहले ही नासा कह चà¥à¤•ा था कि ये सब कोरी अफवाह है. इनका हकीकत से कोई लेना देना नहीं है. ये पहली बार नहीं है जब धरती के नषà¥à¤Ÿ होने की à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ की गई हो.