बिधाता ने à¤à¥€ नारी के हà¥à¤°à¤¦à¤¯ की गति नहीं जान पाई : बापू
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° । संत मोरारी बापू ने शà¥à¤°à¥€ राम कथा में नारी का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि बिधाता à¤à¥€ नारी के हà¥à¤°à¤¦à¤¯ की गति को नहीं जान पाठ, तो पति उसके हà¥à¤°à¤¦à¤¯ की गति को कà¥à¤¯à¤¾ जान पायेगा । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ के हà¥à¤°à¤¦à¤¯ को पतà¥à¤¨à¥€ समठलेती है , मगर पति के मषà¥à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤• में कà¥à¤¯à¤¾ चल रहा है । यह नही समठपाती है । बापू ने कहा कि गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ नारी का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है । कथा में बापू ने à¤à¤—बान शिव की महिमा का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि रामचरित मानस में महेश शबà¥à¤¦ का तà¥à¤²à¤¸à¥€à¤¦à¤¾à¤¸ जी ने 48 बार अलग अलग रूप मे किया है । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® चरितमानस का पà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¹ नदियों के समान है । शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® बनबास पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से पà¥à¤°à¤•ाश डाला । बापू ने बताया की बे56 साल से शà¥à¤°à¥€ राम कथा कर रहे हैं । बापू की कथा गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के फूलबाग मैदान पर चल रही है ।