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बिधाता ने भी नारी के ह्रदय की गति नहीं जान पाई : बापू

ग्वालियर । संत मोरारी बापू ने श्री राम कथा में नारी का जिक्र करते हुए कहा कि बिधाता भी नारी के ह्रदय की गति को नहीं जान पाए , तो पति उसके ह्रदय की गति को क्या जान पायेगा । उन्होंने कहा कि मनुष्य के ह्रदय को पत्नी समझ लेती है , मगर पति के मष्तिस्क में क्या चल रहा है । यह नही समझ पाती है । बापू ने कहा कि ग्रन्थों में भी नारी का सम्मान सबसे ज्यादा है । कथा में बापू ने भगबान शिव की महिमा का जिक्र करते हुए कहा कि रामचरित मानस में महेश शब्द का तुलसीदास जी ने 48 बार अलग अलग रूप मे किया है । उन्होंने कहा कि श्रीराम चरितमानस का प्रबाह नदियों के समान है । श्रीराम बनबास पर विस्तार से प्रकाश डाला । बापू ने बताया की बे56 साल से श्री राम कथा कर रहे हैं । बापू की कथा ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर चल रही है ।

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