12 से 17 साल के बचà¥à¤šà¥‡ हैं कंपनी के CEO, हà¥à¤¨à¤° जानकर रह जाà¤à¤‚गे हैरान
चपन में हम अपने पैरेंट या रिलेटिव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठपैसे को जà¥à¤Ÿà¤¾à¤•र खरà¥à¤š निकालते हैं। जिस उमà¥à¤° में हम पढ़ाई और खेलकूद करने में पूरा बचपन गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¤à¥‡ हैं, यदि इस उमà¥à¤° में यदि कोई कंपनी का मालिक हो तो आपके लिठआशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ वाली बात होगी
आपको बता रहा है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कà¥à¤› होनहार छातà¥à¤°; जिनकी उमà¥à¤° लगà¤à¤— 12 से 17 वरà¥à¤· की होगी, अपनी कंपनी के मालिक हैं। ये छोटे-छोटे बचà¥à¤šà¥‡ न सिरà¥à¤« सà¥à¤•ूल जाते हैं बलà¥à¤•ि साथ में अपनी कंपनियां à¤à¥€ चलाते हैं।
खेलकूद-पढ़ाई के अलावा कम उमà¥à¤° में à¤à¤• कंपनी का मालिक बनना जà¥à¤¨à¥‚न और कà¥à¤› हटके सोचने पर निरà¥à¤à¤° करता है। आइठजानते हैं कि आखिर कम उमà¥à¤° में कहां से à¤à¤¸à¥‡ आइडियाज आà¤à¤‚, जिससे अपनी कंपनी के सीईओ बन बैठे।
1. 12 साल के अवी à¤à¤¸à¥‡ बने कंपनी के मालिक
गà¥à¤¡à¤¼à¤—ांव के रहने वाले 13 साल के अवी दयानी बताते हैं कि आज से à¤à¤• साल पहले à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ घटना हà¥à¤ˆ, जिससे उनको अपनी कंपनी खोलने का आइडिया आया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि किसी काम के लिठमेरी मां विदेश यातà¥à¤°à¤¾ के लिठजाने की तैयारी कर रही थीं। उस वकà¥à¤¤ घर में काम करने वाली नैनी आना बंद कर दिया, जिसकी वजह से पापा बहà¥à¤¤ ही परेशान हà¥à¤ और पूरा काम उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अकेले किया। इसको देखते हà¥à¤ à¤à¤• आइडिया सूà¤à¤¾ कि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न à¤à¤• कॉल पर काम करने वाली 'नैनी' को बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सके, जिसके लिठमैंने 'शैनी' (शॉरà¥à¤Ÿ सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ नैनी) नाम का à¤à¤ª तैयार किया।
अवी अà¤à¥€ 7वीं कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में पढ़ाई कर रहे हैं। उनके साथ 12 साल के नकà¥à¤· कोहली बिजनेस पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° हैं, जोकि सà¥à¤•ूलमेट à¤à¥€ हैं। बातचीत के दौरान नकà¥à¤· ने बताया कि सबसे पहले आस-पड़ोस में सरà¥à¤µà¥‡ किया गया, जिसमें कई लोग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बेबीशीटर को सिरà¥à¤« 2 घंटे के काम के लिठ1000 रà¥à¤ªà¤ तक देने को तैयार थे। इसके बाद हम लोगों ने बेबीशीटर से संपरà¥à¤• करने के लिठकॉलेज सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ और आस-पास मोहलà¥à¤²à¥‡ के वृदà¥à¤§ महिलाओं की मदद मिली। 'शैनी' à¤à¤ª में बेबीशीटर की सà¤à¥€ जानकारियां दी गई। à¤à¤ª का मकसद यह था कि à¤à¤•ल परिवार, जहां पति-पति या मां-बाप दोनों ही काम पर जाते हों।
अवी और नकà¥à¤· के इस अनोखे आइडिया को YEA! इंडिया ने इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ के रूप में 50,000 रूपठदिà¤à¥¤ दोनों ने ही अपनी कंपनी पिछले साल मारà¥à¤š महीने में रजिसà¥à¤Ÿà¤° कराई थी।
2. टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• कम करने के लिठबनाया अनोखा à¤à¤ª
17 साल के केविन ठकà¥à¤•र ने 'मॉय वैले' à¤à¤ª तैयार किया, जिसके जरिठअवैध पारà¥à¤•िंग को रोका जा सकता है। यदि आप à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाले इलाके हैं और पारà¥à¤•िंग की जगह नहीं मिल रही है तो à¤à¤¸à¥‡ में आप वैले पारà¥à¤•िंग के जरिठसही और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पारà¥à¤•िंग कर सकेंगे। इस आइडिया के लिठYEA!इंडिया कॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में केविन रनर-अप रहे, जिसमें पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤®à¤¨à¥€ के रूप में 40 हजार रूपठमिले थे।
केविन ने बताया कि लगà¤à¤— 200 यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से ऑनलाइन सरà¥à¤µà¥‡ कराया गया, जिसमें 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोग वैले पारà¥à¤•िंग के लिठपेड करने को तैयार हैं।