निंदा नहीं निदान करो : बापू
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° । संत मोरारी बापू ने शà¥à¤°à¥€ राम कथा में कहा कि अगर कोई बियकà¥à¤¤à¤¿ संत , फ़क़ीर , पीर या à¤à¤—बान की निंदा करता है तो उसके पास न बैठें। गà¥à¤°à¥ शिषà¥à¤¯ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज को उसकी लापरबाही की निंदा करता है तो बो निंदा नहीं , बलà¥à¤•ि बो निदान करता है । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि बियाश पीठका सोच है कि किसी की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लिये दी जाने बाली सलाह निंदा नहीं बो निदान है । बापू ने कहा कि राजा के सचिब को राजा की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लिये कटॠसतà¥à¤¯ बोलना चहिय । उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि अपने सतà¥à¤¯ की खातिर दूसरे को à¤à¥‚à¤à¤ ा साबित करना गलत है ।