'मोदी सूई' के डर से राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मेवात इलाके में बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤•ूल छोड़ कर à¤à¤¾à¤—े
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के अलवर-à¤à¤°à¤¤à¤ªà¥à¤° जिलों के मेवात इलाके में इन दिनों बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤•ूलों में पढ़ने नही आ रहे हैं. दरअसल सरकारी टीकाकरण की वजह से अफवाह फैल गई है कि सरकार मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® इलाकों में बंधà¥à¤¯à¤¾à¤•रण की सूई दे रहे ही है. इसकी वजह से पूरे इलाके के सà¥à¤•ूलों में दहशत है. दहशत का आलम यह है कि जब आजतक की टीम à¤à¤• सà¥à¤•ूल में इस अफवाह की सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ जानने पहà¥à¤‚ची तो सà¥à¤•ूल में à¤à¤—दड़ मच गई, इस अफवाह के साथ कि बांठकरने की सूई लगाने वाले आ गà¤.
ककà¥à¤·à¤¾ में बैठे छातà¥à¤° और छातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ सà¥à¤•ूल की बाउंडà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤² कूद-कूद कर à¤à¤¾à¤—ने लगे. सà¥à¤•ूलों में या तो सनà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤¾ पसरा है या जो बचà¥à¤šà¥‡ आते हैं, उनके चहरों पर खौफ चसà¥à¤ªà¤¾à¤‚ है. अफवाह का कोई आधार नही है, लेकिन जैसे ही कोई वाहन गांव और सà¥à¤•ूल में दाखिल होता है तो à¤à¤—दड़ मच जाती है और बचà¥à¤šà¥‡ अपना बसà¥à¤¤à¤¾ छोड़कर à¤à¤¾à¤—ने लगते है . जिले के उपमà¥à¤–à¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ अधिकारी डा. छबील कà¥à¤®à¤¾à¤° कहते हैं कि हमने बिमारियों से छà¥à¤Ÿà¤•ारे के लिठटीकाकरण का अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ चला रखा है, लेकिन इलाके में अफवाह फैल गई है कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® इलाके में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚-बचà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बेऔलाद करने की सूई à¤à¥‡à¤œà¥€ है. इस वजह से पूरा टीकाकरण अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ ही इन इलाकों में फेल हो गया है.
बाड़ी पोखर गांव के आजाद खान का कहना है कि सà¤à¥€ को गांव में सरकारी टीका लगाठजाने का डर सता रहा है. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है की मेव बिरादरी के लड़के-लड़कियों को बेऔलाद बनाने का टीका लगाया जा रहा है. इसे लोग 'मोदी की सूई' कह रहे हैं.
जिन गांवों में सà¥à¤•ूल गà¥à¤²à¥‹-गà¥à¤²à¤œà¤¾à¤° रहते थे अब वहां वीराना है. ककराली गांव की 70 साल की चाली बानो इस कदर à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ हैं की गांव में आता हर वाहन उनमें सिरहन-सी पैदा कर देता है. वह कहती हैं कि पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के दम पर उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बाठरहने का टीका लगाया जा रहा है. आठवीं कà¥à¤²à¤¾à¤¸ के मà¥à¤¸à¥à¤¤à¤«à¥€ और सपीना कहते हैं कि घरवालों ने हिदायत दी है कि कोई सà¥à¤•ूल में आठतो घर आ जाना., मोदी का टीका लग रहा है जिससे जीवन में कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ नही पैदा होंगे.
इस माहौल ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ डरा दिया है. वे नही जानते की देश-दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ चल रहा है, लेकिन माता-पिता कहते हैं कि सà¥à¤•ूल जाने से टीका लग सकता है, लिहाजा घर में ही रहने को मजबूर है.
सà¥à¤•ूल पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ को समठमें नही आ रहा की हालात से कैसे निपटें. सà¥à¤•ूल की पà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ कà¥à¤‚दनानी कहती हैं, 'सà¥à¤•ूल में हाजरी 10 से 20 % रह गई है. बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤•ूल आते नहीं और आते à¤à¥€ हैं, तो अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• वापस ले जाते हैं. पूरे इलाके में मोदी की सूई की अफवाह फैली है.'
मेवात में कई साल से शिकà¥à¤·à¤¾ का अलख जगा रहे सामाजिक कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ नूर मोहमà¥à¤®à¤¦ इस मंजर से बहà¥à¤¤ दà¥à¤–ी हैं. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि इतने सालों की मेहनत पर पानी फिर सकता है. नूर मोहमà¥à¤®à¤¦ 317 गांवों में शिकà¥à¤·à¤¾ का सà¥à¤¤à¤° सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ का बीड़ा उठाठहà¥à¤ हैं. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हैरत है कि इस अफवाह को रोकने का सरकारी सà¥à¤¤à¤° पर कोई पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नही किया गया है. दरअसल मेवात इलाका मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® बहà¥à¤² है, जहां शिकà¥à¤·à¤¾ नहीं के बराबर है.