नदी नहीं जननी है रकà¥à¤·à¤¾ हमको करनी है, उदघोष के साथ यातà¥à¤°à¤¾ बड़वाह पहà¥à¤à¤šà¥€
नमामि देवि नरà¥à¤®à¤¦à¥‡'- सेवा यातà¥à¤°à¤¾ 86 वें दिन खरगोन जिले के बड़वाह विकासखंड के गà¥à¤°à¤¾à¤® रामगॠसे रवाना हà¥à¤ˆà¥¤ यातà¥à¤°à¤¾ में शामिल गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¤œà¤¨ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी संरकà¥à¤·à¤£ के नारे 'नदी नहीं जननी है रकà¥à¤·à¤¾ हमको करनी है' नदी नहीं यह माता है हम सबकी à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ विधाता है’’ ’’पेड़ पतà¥à¤¥à¤° और पà¥à¤°à¤¾à¤£ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ मैया की पहचान’’ का उदघोष कर रहे थे। खरगोन जिले में यातà¥à¤°à¤¾ चौथे दिन रामगॠसे रवाना हà¥à¤ˆà¥¤ यातà¥à¤°à¤¾ कटघरा और मेहताखेड़ी होती हà¥à¤ˆ बड़वाह नगर पहà¥à¤à¤šà¥€à¥¤ रामगॠसे कटघरा तक के पूरे मारà¥à¤— में à¤à¤¸à¤¾ महसूस नहीं हà¥à¤† कि à¤à¤• गाà¤à¤µ से दूसरे गाà¤à¤µ पहà¥à¤à¤šà¥‡ हों। पूरे मारà¥à¤— रासà¥à¤¤à¥‡ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤—त की अनोखी परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ देखने को मिली।
सिख समाज ने थामा कलश और जैन समाज ने धà¥à¤µà¤œ
बड़वाह पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ पर समाज के सà¤à¥€ वरà¥à¤— विशेष रूप से अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• वरà¥à¤— के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने बà¥-चà¥à¤•र नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया। बड़वाह नगर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ पर यहाठके निवासियों में गजब का उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ देखा गया। सिख समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ ने कलश थामा तो जैन समाज के नागरिकों ने धà¥à¤µà¤œ लेकर नगर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया। इतना ही नही मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समाज ने फूलों की वरà¥à¤·à¤¾ की। वहीं सिकà¥à¤– समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ हरमीत सिंह ने बताया कि उनका परिवार पिछले 75 वरà¥à¤· से बड़वाह में निवास कर रहा है। हरमीत का कहना है कि मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान की अà¤à¤¿à¤¨à¤µ पहल से नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ संरकà¥à¤·à¤£ के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में अधिक से अधिक लोग संकलà¥à¤ª के साथ जà¥à¥œ रहे हैं। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ जन-आंदोलन का रूप ले चà¥à¤•ी है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मानना है कि नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी सà¤à¥€ धरà¥à¤®à¥‹à¤‚ के लोगों को जीवन देती है। नदी को धरà¥à¤® विशेष की आसà¥à¤¥à¤¾ से जोड़कर देखना बेईमानी होगी। समाज के सà¤à¥€ वरà¥à¤—ों के दृॠसंकलà¥à¤ª से ही नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी का सही मायने में संरकà¥à¤·à¤£ हो सकेगा।
बड़वाह में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते ही नगर पालिका अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ राय ने यातà¥à¤°à¤¾ की आगवानी की। यातà¥à¤°à¤¾ में महिलाà¤à¤ और बालिकाà¤à¤ कलश लेकर चल रही थीं। नगर के मà¥à¤–à¥à¤¯ मारà¥à¤— में नागरिकों ने पà¥à¤·à¥à¤ª वरà¥à¤·à¤¾ से यातà¥à¤°à¤¾ में चल रहे जन-समूह का अà¤à¤¿à¤¨à¤¦à¤‚न किया यातà¥à¤°à¤¾ में विधायक शà¥à¤°à¥€ हितेनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह सोलंकी, सांसद शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤à¤¾à¤· पटेल, अनà¥à¤¸à¥‚चित जाति आयोग के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ à¤à¥‚पेनà¥à¤¦à¥à¤° आरà¥à¤¯ और विधायक शà¥à¤°à¥€ राजकà¥à¤®à¤¾à¤° मेव नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ धà¥à¤µà¤œ लेकर चले।
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ का परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ महतà¥à¤µ
नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के 16 जिलों में 1079 किलो मीटर बहती है। नदी पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के करीब 4 करोड़ वासियों की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¤à¤¾à¤¤à¥€ है। खरगोन जिला नरà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤‚चल के रूप में जाना जाता है। जिले में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान नागरिकों को जगह-जगह नदी के संरकà¥à¤·à¤£ और सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रखने का संकलà¥à¤ª दिलाया गया। गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ के साथ हà¥à¤ जन-सवांद में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के किनारों पर फलदार वृकà¥à¤· लगाने की बात कहीं गई। गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ को बताया गया कि निजी à¤à¥‚मि पर वृकà¥à¤· लगाने पर किसानों को 20 हजार रूपये का सहयोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हेकà¥à¤Ÿà¤° 3 साल तक दिया जाà¤à¤—ा। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ से लगे गाà¤à¤µ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ सेवा समिति का गठन किया गया। समिति के सदसà¥à¤¯ निरंतर रूप से नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के घाटों की सफाई में सहयोग करेंगे। सेवा समिति में महिलाओं की à¤à¥€ à¤à¤¾à¤—ीदारी सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ की गई है। खरगोन जिले के 66 गाà¤à¤µ नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के किनारे बसे हà¥à¤ हैं।