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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये साझा प्रयास जरूरी: केन्द्रीय मंत्री तोमर

ग्वालियर। à¤­à¤¾à¤°à¤¤ सरकार बिना किसी भेदभाव व पारदर्शिता के साथ देश के सभी शहरों के सुनियोजित विकास को अंजाम दे रही है। सरकार ने देश के शहरों को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने के लिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आयोजित की है। इस प्रतिस्पर्धा को शहरवासियों के सहयोग से ग्वालियर ने भी जीता है। साझा प्रयासों से ही ग्वालियर में स्मार्ट सिटी की अवधारणा मूर्त रूप लेगी। यह बात केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री  à¤¨à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° सिंह तोमर ने कही। तोमर ग्वालियर-चंबल संभाग फेडरेशन एवं सीएनबीसी द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में ग्वालियर शहर के विकास पर विचार मंथन कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि ग्वालियर के सुनियोजित अधोसंरचनागत विकास का मसौदा तैयार कर लिया है। इस मसौदे में शामिल योजनायें जल्द ही मूर्त रूप लेंगी
यहाँ एलएनआईपीई के सभागार में आयोजित हुई परिचर्चा में केन्द्रीय मंत्री  à¤¨à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° सिंह तोमर ने कहा कि जल्द ही देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई के लिये सप्ताह के सभी दिनों में एयर ट्रांसपोर्ट शुरू हो जायेगा। साथ ही अगले दो महीनों के भीतर ग्वालियर से दिल्ली, लखनऊ, भोपाल व इंदौर के लिये भी वायुमार्ग से परिवहन उपलब्ध होगा। इससे ग्वालियर के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। तोमर ने कहा कि पूर्व नियोजित प्लान के तहत शहरों का सुनियोजित विकास की जरूरत है। विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए जो दीर्घकाल में बढ़ने वाली आबादी का भार सहन कर सके। इसी मॉडल पर साझा प्रयासों से ग्वालियर को भी विकसित किया जा रहा है। 
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि ग्वालियर के विकास की अपार संभावनायें हैं। ग्वालियर के वैभव को फिर से लौटाने के लिये सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल कर ग्वालियर के हैरीटेज स्वरूप को बरकरार रखते हुए शहर को विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को रहने के लिये घर मिले। इस मकसद से विधानसभा में हाउस गारंटी बिल पारित हो चुका है। जिसके तहत ग्वालियर शहर में भी जरूरतमंदों के लिये पक्के घर बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा शहर के विकास में आमोद-प्रमोद, बड़े पार्क, लेडीज व बच्चों के लिये पार्क विकसित किए जायेंगे। साथ ही शहर में स्मार्ट ट्रांसपोर्ट भी विकसित होगा। 
इस विचार मंथन में बताया गया कि शहर में सभी वर्गों खासतौर पर कम आयु वर्ग के लोगों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर शहर विकास को मूर्तरूप दिया जायेगा। साथ ही ऐसे प्रयास होंगे, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को ग्वालियर में ही रोजगार मिले। शहर के शतप्रतिशत जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक खुद के घर मुहैया कराने की बात भी बैठक में कही गई। शहर की सभी बसाहटों में स्वच्छ पेयजल और सीवर लाईन का इंतजाम अमृत योजना के तहत कराया जायेगा। 
परिचर्चा में महापौर  à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤• नारायण शेजवलकर, साडा अध्यक्ष  à¤°à¤¾à¤•ेश सिंह जादौन, कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, नगर निगम आयुक्त अनय द्विवेदी, जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, शहर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, उद्यमी व कारोबारियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी  à¤¹à¤°à¤¿à¤°à¤‚जन राव भी विशेष तौर पर मौजूद थे। 
ग्वालियर आजीविका योजना में शामिल 
केन्द्रीय मंत्री  à¤¨à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° सिंह तोमर ने इस मौके पर जानकारी दी कि गाँवों से शहरों की ओर पलायन रोकने के मकसद से सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिये आजीविका योजना चलाई जा रही है। इस योजना में अब ग्वालियर जिले को भी शामिल कर लिया गया है। इससे गाँव आत्मनिर्भर होंगे। जाहिर है ग्वालियर पर जनसंख्या का दबाव कम होगा।

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