सावधान! चिलचिलाती धूप और लू से बचना है तो अपनाà¤à¤‚ ये हेलà¥à¤¥ TIPS
अपà¥à¤°à¥ˆà¤² का महीना अà¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ à¤à¥€ नहीं हà¥à¤† है और गरà¥à¤®à¥€ ने अपनी चपेट में पूरे देश को ले लिया है। गरà¥à¤®à¥€ के साथ-साथ लू के थपेड़ों ने देश के 9 राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने चपेट में ले लिया है। पिछले दो दिनों से पारा 40 के पार जा रहा है। मौसम विà¤à¤¾à¤— का कहना है कि आने वाले दो तीन दिन और गरà¥à¤®à¥€ बढ़ेगी। महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में तो आलम ये है कि गरà¥à¤®à¥€ से 5 लोगों की मौत हो गई है। इधर, राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, अहमदाबाद, मà¥à¤‚बई, उतà¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤, दिलà¥à¤²à¥€-à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤†à¤° और यूपी में à¤à¥€ पारा 40 के पार जा चà¥à¤•ा है। मारà¥à¤š के अंत में वैसे à¤à¥€ गरà¥à¤® हवाà¤à¤‚ चलती हैं और लू लगती है।
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ और पूरà¥à¤µà¥€ इलाकों में तापमान अà¤à¥€ से सर चढ़कर बोल रहा है। राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हमेशा ही सबसे गरà¥à¤® पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ रहा है। बाड़मेर, जैसलमेर और सीकर लू से सबसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं। यहां अधिकतम तापमान 43 से 44.4 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ दरà¥à¤œ किया जा रहा है
à¤à¤¸à¥‡ लगती है लू
जब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ पड़ती है और गरà¥à¤® हवाà¤à¤‚ चलती हैं तब समठलें कि लू चल रही है। हाथ पैर और आंखों में जलन होने लगती है। बेचैनी सी होने लगती है। गला सूख जाता है, पानी की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगती है। दरअसल, शरीर में पानी की कमी हो जाती है। गरà¥à¤®à¥€ के कारण बà¥à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो हो जाता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ तो नसों में बà¥à¤²à¤¡ जमा à¤à¥€ हो जाता है। जिससे नसें फट जाती है।
कई बार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ लगने और पसीना आने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ ठंडी हो जाती है। थकावट और कमजोरी लगती है। कई बार तेज धूप लगने से सिर में दरà¥à¤¦ होने लगता है, पसीना अंदर ही अंदर सूख जाता है, ये बहà¥à¤¤ ही नà¥à¤•सानदायक है। सांस लेने में तकलीफ होती है और गरà¥à¤®à¥€ से बेहोशी का आलम होता है। कई बार लू लगना मतलब अगर आपको गरà¥à¤®à¥€ में à¤à¥€ तेज बà¥à¤–ार हो तो समठलें आपको लू लगी है।
à¤à¤¸à¥‡ बचें लू से
गरà¥à¤®à¥€ है तो कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†, बाहर तो निकलना ही होगा। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आप बाहर जा रहे हैं तो मूंह और अपनी आंखों को ढककर निकलें। हो सके तो शरीर के बाकी अंग à¤à¥€ ढक लें। जितना हो सके धूप को शरीर पर न लगने दें। अपने साथ पानी की बोतल और जूसी कà¥à¤› चीजें, जिसमें पानी की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो वो साथ में रखें। धूप में निकलने से पहले शरीर में पानी की कमी न हो। इसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है। आंखों के लिठसन गà¥à¤²à¤¾à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और पीà¤à¤‚
चिलचिलाती धूप, à¤à¥€à¤·à¤£ गरà¥à¤®à¥€ और बढ़ते तापमान के कारण शरीर के अंदर à¤à¥€ तापमान बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में हमें शरीर के तापमान को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखना होता है। वरना हम बीमार पड़ सकते हैं। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हमारी पाचनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कमजोर हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में हमें तले à¤à¥à¤¨à¥‡ और चिकनाई वाले खाने से दूर रहना चाहिठऔर पानी जैसी चीजें, जो जलà¥à¤¦à¥€ हजम होती हैं और शरीर को हलà¥à¤•ा रखती हैं। उसका सेवन बढ़ा देना चाहिà¤à¥¤
इस मौसम में फल, हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, सलाद, दही, खीरा, जूस का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करें। इस मौसम में कई तरह के पानी के फल आते हैं। जैसे ककड़ी, पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾, खीरा, नींबू. पà¥à¤¯à¤¾à¤œ तरबूत और खरबूजा जरूर खाà¤à¤‚। आपको जलà¥à¤¦à¥€ लू नहीं लगेगी। गनà¥à¤¨à¥‡ का रस à¤à¥€ बहà¥à¤¤ ही फायदेमंद होता है।
दिन में à¤à¤• या दो बार नीबूं पानी पीà¤à¤‚। आपके शरीर के अंदर जितनी पानी की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगी, आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ उतनी बढ़ेगी। छाछ या लसà¥à¤¸à¥€ बहà¥à¤¤ ही फायदेमंद है। आप ठंडाई का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं। इससे आप कूल रहेंगे। सिर पर गरà¥à¤®à¥€ नहीं चढ़ेगी। पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का पानी या शरबत पीà¤à¤‚। आपको विटामिनà¥à¤¸ मिलते हैं। आपका पेट साफ रहेगा और पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ होगी। सतà¥à¤¤à¥‚ à¤à¥€ पी सकते हैं। कई तरह के शरबत पी सकते हैं। जितना हो सके इस तरह के पेय पदारà¥à¤¥ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें। कचà¥à¤šà¥‡ आम का पनà¥à¤¨à¤¾ आपको लू से बचाà¤à¤—ा। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शरीर के तापमान को काबू करना होता है
अगर लू लग जाठतो कà¥à¤¯à¤¾ करें
अगर लू लग à¤à¥€ जाठतो उसके बाद आप कà¥à¤¯à¤¾ करेंगे। पहले तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेंगे और दवा लेनी पड़ेगी। आप चाहें तो कà¥à¤› घरेलू इलाज à¤à¥€ कर सकते हैं। जैसे घर पर रहें और बाहर न निकलें। कà¥à¤› दिनों तक आराम करें और इस दौरान गरà¥à¤®à¥€ का शिकार न बने। घर की चीजें खाà¤à¤‚ और हो सके तो होमियोपैथी à¤à¥€ कर सकते हैं।