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केंद्रीय मंत्री तोमर का सिंधिया विववाद पर शिवराज को नहीं मिला समर्थन

ग्वालियर : केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उस बयान पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया जिसमे मुख्यमंत्री ने कहा था की सिंधिया ने अंग्रेजों के साथ मिलकर भिंड की जनता पर जुर्म व अत्याचार किया था.
श्री तोमर से पत्रकारों से रविवार को पासपोर्ट दफ्तर के उद्धघाटन कार्यक्रम में सिंधिया विवाद पर पूछे गये सवाल पर श्री तोमर ने दो टूक शब्दो में कहा की मैं इस मामले पर कोई बयान नहीं दूंगा. श्री तोमर की चुप्पी से साफ़ हो गया है की वे मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन नही करते हैं .
पार्टी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के बयान का विवाद पार्टी हाई कमान दिल्ली तक पहुच गया है . मुख्यमंत्री के बयान से राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया बेहद नाराज़ हैं. मुख्यमंत्री के बयान से समाज का एक वर्ग भी आहत हुआ है. रविवार को मराठा समाज कै. राजमाता विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा के सामने दीप जल कर मुख्यमंत्री के बयान का विरोध करेंगे.

शिवराज के बयान पर भावुक यशोधरा बोलीं  : सिंधिया परिवार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है| भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में सिंधिया राजपरिवार के लोग होने के चलते अब शिवराज अपने ही बयान पर घिरते नजर आ रहे हैं| कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया है और सीएम से पूछा है कि जनसंघ और भाजपा की संस्थापक राजमाता विजय राजे सिंधिया, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया और उनकी कैबिनेट में सहयोगी मंत्री यशोधरा राजे को लेकर उनका क्या अभिमत है। वहीं यशोधरा राजे ने भावुक होकर कहा है कि राजमाता ने बहुत मेहनत की है| अम्मा ने कोई कसर नहीं छोड़ी| उन्होंने भाजपा के लिए क्या कुछ नहीं किया| सीएम के बयान पर मचे राजनीतिक बवाल पर योशोधरा ने कहा में इस पर अपना कदम नहीं डालने वाली हूँ| जब तक मैं पूरी चीज मालूम न कर लू तब तक कुछ नहीं बोलना चाहती| उन्होंने कहा राजमाता ने बहुत मेहनत की है गर्मी हो या सर्दी, फील्ड में डाइबिटिक होने के बाद भी पांव में घाव हो जाते थे, पस पड़ जाती थी| ड्रेसिंग कराती थी और फिर काम में लग जाती थी| उन्होंने कितना पैसा लगाया| लोग कहते थे कि मां देश के लिये काम कर रही है| पूंजी लगा रही है| भाजपा को क्या नही दिया। चुनाव के समय गोडाउन से नयी गाड़िया जाती थी| चुनाव के बाद किसी का स्टेयरिंग तो किसी का पहिया निकला आता था| सीएम ने भी ये सब देखा है| मुझे नही लगता कि सीएम ऐसा कहेंगे| इन सब ने राजमाता से ही सीखा है, चाहे विक्रम वर्मा हो, पटवा हो, कैलाश जोशी हो सबने अम्मा से ही सीखा है| अपने भाषणों में अक्सर विकास की बात करने बाले सीएम के मुँह से अचानक सिंधिया राग निकलते ही घमासान मच गया| कांग्रेस के नेताओं ने इसे राजमाता के अपमान से जोड़ कर भाजपा को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है। वहीं भाजपा नेता इसे इतिहास के सन्दर्भ में कही गई बात बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं| ज्ञात हो कि अटेर उपचुनाव में कल श्योढ़ा में एक जनसभा में सीएम ने कहा था कि 1857 की क्रांति में अटेर इलाका महारानी लक्ष्मीबाई के साथ खड़ा था। अंग्रेजों का साथ इस इलाके ने कभी नहीं दिया पर अंग्रेजों के साथ मिलकर सिंधिया ने यहां के लोगों पर बड़े जुल्म ढाए पर यहां के लोगों ने बहादुरी के साथ उनके जुल्मों का मुकाबला किया।

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