19 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को धरती के करीब से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤—ा à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡, धूमकेतॠका à¤à¥€ होगा दीदार
19 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² के रोज आसमान पर नजर बनाठरखें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दिन 2 à¤à¤¸à¥€ खगोलीय घटनाà¤à¤‚ होने जा रही हैं जो सदियों में à¤à¤• बार होती हैं. नासा के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡ यानी कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ और à¤à¤• धूमकेतॠधरती के बेहद करीब से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤‚गे. हालांकि इनसे किसी खतरे की आशंका नहीं है.
कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ का होगा दीदार
नासा के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 2014 JO25 नाम का à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡ धरती से करीब 18 लाख किलोमीटर की दूरी से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤—ा. ये दूरी धरती और चांद के बीच के फासले से करीब 4.6 गà¥à¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है. इसके बाद 500 साल बाद ये à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡ धरती के इतना करीब आà¤à¤—ा. इस कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ का आकार करीब 650 मीटर है और ये चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ की सतह से दोगà¥à¤¨à¤¾ चमकीला है.
छोटे टेलीसà¥à¤•ोप से नजर आà¤à¤—ा à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ये à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡ सूरज की दिशा से धरती की ओर बढ़ रहा है. इसे 19 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² के बाद के अगले दो दिनों तक छोटे टेलीसà¥à¤•ोप की मदद से देखा जा सकेगा. हालांकि छोटे आकार के कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ तकरीबन हर हफà¥à¤¤à¥‡ धरती के करीब से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥‡ हैं लेकिन इतने बड़े à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¯à¤¡ धरती के करीब कम ही दिखते हैं. इससे पहले साल 2004 में तूतिस नाम का कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ धरती की ककà¥à¤·à¤¾ के नजदीक आया था. इसका फासला धरती और चांद के बीच की दूरी से करीब 4 गà¥à¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ था. साल 2027 में à¤à¥€ 800 मीटर आकार का कà¥à¤·à¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤°à¤¹ धरती से करीब 3.80 लाख किलोमीटर की दूरी से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤—ा.
नजर आà¤à¤—ा धूमकेतà¥
लेकिन 19 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को आसमान सिरà¥à¤« इसी खास नजारे का गवाह नहीं बनेगा. इस रोज पेनसà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤¸ नाम का धूमकेतॠà¤à¥€ धरती के करीब आà¤à¤—ा. नासा की गणना के हिसाब से ये धूमकेतॠधरती से करीब 1.75 करोड़ किलोमीटर दूरी से होकर गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤—ा. सà¥à¤¬à¤¹ के वकà¥à¤¤ इस धूमकेतॠको दूरबीन या सामानà¥à¤¯ टेलीसà¥à¤•ोप से देखा जा सकता है.