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तरक्की पसंद और मिलनसार - डॉ. नरोत्तम मिश्र {जन्म दिवस पर विशेष }

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र का शनिवार, 15 अप्रैल को जन्म दिवस है। डॉ. नरोत्तम मिश्र जीवन के 58वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कार्यशैली और मेल-जोल के स्वभाव से सभी वर्गों को प्रभावित किया है। सहज उपलब्ध होने और प्रत्येक व्यक्ति की बात सुनकर अपनी बात कहने का उनका अपना अंदाज है। उनका प्रयास होता है कि भेंट करने वाले व्यक्ति से कुछ क्षण में ही आत्मीय चर्चा भी हो जाए और यदि आगन्तुक कार्यवश आए हैं, तो उनके कार्य को सम्पन्न करवाने में सहायता भी की जाए। ऐसा करते हुए उनका भाव पूर्ण सहयोगी और अपेक्षारहित होता है। सार्वजनिक जीवन में कार्य करते हुए निरंतर अपनी उपस्थिति को महत्वपूर्ण बनाए रखना प्रत्येक जन-प्रतिनिधि के लिए संभव नहीं होता। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान डॉ. नरोत्तम मिश्र को एक आदर्श जन-प्रतिनिधि और टीम मध्यप्रदेश का भरोसेमंद बल्लेबाज मानते हैं। विभिन्न अवसरों पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डॉ. नरोत्तम को सचिन तेंदूलकर का नाम देकर अपनी भावना व्यक्त की है। 
डॉ. नरोत्तम मिश्र मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए पहली बार वर्ष 1990 में निर्वाचित हुए थे। विधायक बनने के बाद पहले ही वर्ष उन्होंने विधानसभा में संगठन के लिए सचेतक का दायित्व वहन किया। इसके पश्चात वर्ष 1998, 2003, 2008 और वर्ष 2013 में विधानसभा के लिए निर्वाचित होकर निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य करने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्र सर्वश्रेष्ठ मंत्री का सम्मान भी प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. मिश्र ने अब तक जिन विभागों का दायित्व सम्हाला है उनमें नगरीय प्रशासन और विकास, आवास, स्कूल शिक्षा, विधि-विधायी, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास शामिल हैं। डॉ. मिश्र वर्तमान में जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग के मंत्री हैं। इसके अलावा उन्हें राज्य सरकार के प्रवक्ता का महत्वपूर्ण दायित्व भी दिया गया है। शासन के प्रवक्ता के रूप में उन्होंने मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद् की बैठकों के पश्चात गत सात वर्ष से पत्रकार वार्ताओं और अन्य विषयों पर भी अनेक अवसरों पर राज्य शासन की बात आम जन तक पहुँचाने का दायित्व निभाया है।
डॉ. नरोत्तम मिश्र दतिया विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2013 में चतुर्दश विधानसभा के सदस्य चुने गए। डॉ. मिश्र ने पहले विधायक के रूप में और फिर मंत्री के रूप में कार्य करते हुए अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2005 से 2017 निरंतर गतिशील रहकर विभिन्न विभाग के मंत्री के रूप में श्रेष्ट परिणाम दिए हैं। आम जनता, शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ ही समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों, टी.व्ही. चैनल्स से सदैव सतत् संवाद रखते हुए उन्होंने अलग छवि बनाई है। अपने निर्वाचन क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। विकास के लिए हमेशा समर्पित रहने के कारण उन्होंने आम जन के हृदय में विशेष स्थान बनाया है। दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्र ने विकास कार्यां की लम्बी श्रंखला प्रारंभ की। अधिकांश कार्य पूर्ण हो गए हैं। इनमें  à¤¨à¤œà¤¦à¥€à¤•ी ग्राम खैरी में एयर स्ट्रिप के निर्माण, जिला अस्पताल में ट्रामा यूनिट, ब्लड बैंक निर्माण, सौ रोगी क्षमता के अस्पताल भवन का निर्माण, शिशु गहन चिकित्सा ईकाई, माँ पीताम्बरा मंदिर में मार्ग को फोरलेन बनाने, विभिन्न विभाग के भवन निर्माण, फिल्टर प्लांट, अंगूरी बैराज बांध से सीता सागर तालाब भरने की योजना, हर्सी नहर प्रणाली, दतिया नगर में पर्याप्त और गुणवत्ता पूर्ण जल प्रदाय, विभिन्न क्षेत्रों में हैंडपंप, स्टॉप डेम निर्माण, लद्यु सिंचाई योजनाओं की शुरूआत,  à¤•न्या महाविद्यालय भवन, विद्युत केन्द्र, फीडर सेपरेशन योजना में कार्यां के सम्पादन, जिला हाट बाजार, न्यायालय भवन, पंच परमेश्वर योजना में पंचायत भवनों के निर्माण, दतिया कृषि उपज मंडी सहित उदगवां, बसई, नोनेर में उपमंडी प्रांरभ्ज्ञ करना, विभिन्न समाजों के लिए धर्मशालाओं को सामुदायिक भवनों का निर्माण, सीता सागर जलाशय का सौंदर्यकरण, लाला का ताल, करन सागर तालाब, पंचकवि की टोरिया का सौंदर्यीकरण, दतिया शहर के चौराहों के विकास अन्य प्रमुख सड़कों के निर्माण, मेडीकल कॉलेज भवन, पिछड़ा वर्ग छात्रावास भवन, अनुसूचित जाति बालक छात्रावास भवन, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नवीन हाई स्कूल भवन, इंटर कॉलेज, ऑडिटोरियम, कन्या छात्रावास भवन शामिल हैं। हाल ही में लोआर ओर सिंचाई परियोजना भी मंजूर हुई है जो दतिया के नजदीक तीन दर्जन ग्रामों के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। इसके साथ ही दतिया जिले में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों की श्रंखला से महानगरों के विशेषज्ञों द्वारा दतिया जिले की जनता को गुणवत्ता पूर्ण परामर्श और उपचार मुहैया करवाने का ठोस कार्य हुआ है। यही नहीं डॉ. नरोत्तम मिश्र के विशेष प्रयासों से किसानों को फसल बीमा योजना में देश में सबसे पहले लाभ दिलवाने वाले जिले के रूप में दतिया ने पहचान बनाई है। शासन के महत्वपूर्ण् अभियानों जैसे बेटी बचाने अभियान, आनंद उत्सव, गा्रमोदय से नगरोदय में भी दतिया आगे है। अनेक महत्वपूर्ण गायक और कलाकार दतिया में गरिमामय कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं। माँ पीताम्बरा की नगरी दतिया देश के प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक स्थानों में गिना जाने लगा है। डॉ. नरोत्तम मिश्र ने चरैवेति-चरैवेति के मंत्र को जीवन में साकार किया है।

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