Homeखास खबरे,वायरल न्यूज़,
गर्मी के इस मौसम में अमृत के बराबर है छाछ

छाछ गर्मियों से राहत देने के अलावा औषधि के रूप में भी काम करती है। दिन में यदि दो बार छाछ पी लें तो इससे सेहत ठीक रहती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। डॉक्टरों के मुताबिक छाछ प्राकृतिक ड्रिंक है, जिसे पीने के अनेक फायदे हैं।

जिनका पाचन तंत्र मजबूत नहीं है, उन्हें दूध की जगह छाछ का इस्तेमाल करना चाहिए। डॉ. मोनिका सूद के मुताबिक छाछ प्रोबायोटिक आहार होता है। इसमें सूक्ष्मजीव होते हैं, जो हमारी आंतों को सक्रिय रखते हैं। इनकी सहायता से पाचन में सुधार होता है। इसके अलावा ये प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और पोषक तत्वों के निर्माण व हृदय रोगों से रक्षा में मदद करते हैं। छाछ की खास बात यह है कि इसमें वसा नहीं होती, क्योंकि इसमें से मक्खन पहले ही निकाल लिया जाता है।

छाछ पोटैशियम, कैल्शियम और रिबोफ्लेविन के अलावा फॉस्फोरस का भी अच्छा स्रोत है, जो भोजन को झटपट पचाने में मदद करता है। घरेलू नुस्खों में भी छाछ बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर अधिक जी मिचलाता हो तथा अजीर्ण, ज्वर, दुर्बलता व पेट में हल्का दर्द हो तो घर के लोग तुरंत छाछ पीने की सलाह देते हैं। अध्ययनों के मुताबिक यदि दिन में एक से दो बार भुना हुआ जीरा, थोड़ा नमक और पिसी हुई काली मिर्च डालकर छाछ पिएं तो एक सप्ताह में पेट के कीड़ों से छुटकारा मिल जाएगा।

निखारे सुंदरता
छाछ में लैक्टिक एसिड होता है, जो त्वचा के लिए बेहद उपयोगी है, इसलिए कई महंगी क्रीम में भी लैक्टिक एसिड की जरूरी मात्रा मिलाई जाती है। त्वचा को चमकाने, नरम बनाने और डेड स्किन को हटाने के लिए भी कई बार डॉक्टर इसका इस्तेमाल फेशियल पील्स के तौर पर करते हैं। बहुत ज्यादा एसिडिक होने के चलते छाछ एस्ट्रिंजेंट की तरह काम करती है। इससे चेहरे के दाग-धब्बे, झुर्रियों आदि परेशानियों से राहत मिल सकती है, इसलिए छाछ से फेस पैक भी बनाया जा सकता है। आपको छाछ का स्वाद पसंद नहीं है तो आप उसे चेहरे पर लगाकर अपनी त्वचा चमका सकते हैं। बाजार में छाछ का पाउडर भी मिलता है।

औषधि के रूप में
कैल्शियम :
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति को हर दिन 1,000 से 1,200 एमजी कैल्शियम लेना चाहिए। 9 से 13 साल के बच्चों के लिए यह मात्रा 1,300 एमजी बताई गई है। यूएसडीए नेशनल न्यूट्रिएंट डाटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक एक कप छाछ में 284 एमजी कैल्शियम होता है, जबकि एक कप दूध में 299 एमजी। यदि बच्चे को दूध पीना पसंद नहीं है तो उसे छाछ दे सकते हैं।
प्रोटीन : छाछ और दूध में लगभग समान ही प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। छाछ में 8.11 एमजी प्रोटीन है, जबकि दूध में 8.26 एमजी।
विटामिन और खनिज की मात्रा : यूएसडीए नेशनल न्यूट्रिएंट डाटाबेस के मुताबिक छाछ में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी की भरपूर मात्रा पाई जाती है।

Share This News :