19 साल पहले अमेरिकी सैटेलाइट को à¤à¤¸à¥‡ दिया गया था पोखरण में गचà¥à¤šà¤¾
11 मई 1998 को पोखरन में दूसरा परमाणॠपरीकà¥à¤·à¤£ किया गया था. ये परीकà¥à¤·à¤£à¤¾ इसलिठअहम था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसने पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की छवि को बदल कर रख दिया था. उस दिन दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ने समà¤à¤¾ कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ तेजी से उà¤à¤°à¤¤à¥€ ताकत है. और ये à¤à¥€ कि कोई सैटेलाइट उसके मंसूबों को à¤à¤¾à¤‚प नहीं सकती.
जी हां, ये बात अमेरिका के परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ में सही साबित होती है. मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ की मानें तो इस परीकà¥à¤·à¤£ से पहले अमेरिका सà¥à¤ªà¤¾à¤ˆ सैटेलाइटà¥à¤¸ के जरिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ पर कड़ी निगरानी रख रहा था. लेकिन इसके बावजूद à¤à¥€ ततà¥à¤•ालीन पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने वो कर दिखाया, जो पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को चौंका गया.
अटल बिहारी वाजपेयी की कहानी, तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ की जà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
जब हिल गया अमेरिका
राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के जैसलमेर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ पोखरण की जमीन गवाह बनी कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को कम आंकने वाले दरअसल धोखे में हैं. इस दिन जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ परमाणॠपरीकà¥à¤·à¤£ कर à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को चौंकाया, सबसे अधिक हैरत तो अमेरिका को थी. इसका कारण था उसके वो सà¥à¤ªà¤¾à¤ˆ सैटेलाइट, जो दिन-रात à¤à¤¾à¤°à¤¤ की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, उस समय à¤à¤¾à¤°à¤¤ में घट रही पल-पल की रिपोरà¥à¤Ÿ अमेरिका के खà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ विà¤à¤¾à¤—ों को मिला करती थी.
इस तरह की गई पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग
खबरों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने परमाणॠपरीकà¥à¤·à¤£ की तैयारी इतनी गोपनीयता और कà¥à¤¶à¤² रणनीति के साथ की थी कि अमेरिकी सैटेलाइट à¤à¥€ गचà¥à¤šà¤¾ खा गठथे. हालांकि कà¥à¤› वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों समेत गिने-चà¥à¤¨à¥‡ लोगों को ही इसकी जानकारी थी, लेकिन सà¤à¥€ ने अपना काम बड़ी कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ से किया था. इस टीम के अलावा सरकार के कई वरिषà¥à¤ अधिकारियों, मंतà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तक को इसका पता नहीं था.