यहां à¤à¤—वान राम ने सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया था शिवलिंग
उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨à¥¤ धारà¥à¤®à¤¿à¤• नगरी उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨ में अनेक देवसà¥à¤¥à¤² और मंदिर हैं जिनका अपना-अपना महतà¥à¤µ है। à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¤• विशेष मंदिर के बारे में हम आपको बता रहे हैं। उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨ में रामेशà¥à¤µà¤°à¤® नाम का शिवलिंग है।
इसका महतà¥à¤µ यह है कि इसे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® ने अपने हाथों से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया था। इस मंदिर के इस पौराणिक महतà¥à¤µ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ सà¥à¤•ंदपà¥à¤°à¤¾à¤£ के अवंतिखंड में होती है।
इस खंड के पांचवें अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ में शà¥à¤²à¥‹à¤• कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤‚क 31 से 49 तक समसà¥à¤¤ शà¥à¤²à¥‹à¤•ों में उकà¥à¤¤ वरà¥à¤£à¤¨ मिलता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ देवसà¥à¤¥à¤² हरिसिदà¥à¤§à¤¿ मंदिर परिसर के पीछे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ यह शिवलिंग अपने पौराणिक महतà¥à¤µ के कारण धारà¥à¤®à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यह रामघाट योगीपà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। यहां कालसरà¥à¤ª पूजा का बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µ है।
उलà¥à¤²à¥‡à¤– है कि जब चितà¥à¤°à¤•ूट से à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® कà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾ नदी में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने आठथे तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहां समीप शिवलिंग की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की थी, तà¤à¥€ से इसका नाम रामेशà¥à¤µà¤° महादेव है।
शà¥à¤²à¥‹à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 'रामतीरà¥à¤¥à¥‡ नर सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤µà¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤µà¤¾ रामेशà¥à¤µà¤° शिवम, विमà¥à¤•à¥à¤¤ सरà¥à¤µ पापेà¤à¥à¤¯ शिवलोकम च गचà¥à¤›à¤¤à¤¿' अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ धरà¥à¤®à¤¾à¤²à¥à¤“ं को रामघाट पर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करके शà¥à¤°à¥€ रामेशà¥à¤µà¤° महादेव के दरà¥à¤¶à¤¨ करने से पापों से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलती है। शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ मास में इसका दरà¥à¤¶à¤¨ करने से लाठमिलता है।