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राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया सदैव दीन-दुखयों की संबल बनीं – श्रीमती माया सिंह

नगरीय विकास मंत्री ने अनुसूचित जनजाति के बच्चों को कराया भोजन

राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया सदैव दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की संबल बनीं। उनका सार्वजनिक जीवन हम सबके लिये प्रेरणा स्त्रोत है। यह बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कही। श्रीमती माया सिंह बुधवार को राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विवेकानंद नीडम में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को भोजन वितरण करने पहुँचीं थी। इस अवसर पर साडा अध्यक्ष श्री राकेश सिंह जादौन, पूर्व मंत्री श्री ध्यानेन्द्र सिंह तथा श्री धीरेन्द्र सिंह चंदेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उनके साथ थे।

     नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने अपने हाथ से बच्चों को सुरूचिपूर्ण भोजन परोसा। साथ ही उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया चाहे प्राकृतिक आपदा हो अथवा अन्य कोई संकट का समय वे  सदैव पीड़ितों के बीच खड़ीं दिखाई देती थीं। उनकी मंशा के अनुरूप समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिये प्रदेश सरकार पूरी शिद्दत के साथ प्रयासरत है।

     बुधवार को प्रात:काल में नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने छत्री परिसर में स्थित स्व. विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सिटी सेंटर चौराहे पर स्थित राजमाता की प्रतिमा को भी पुष्पाहार पहनाया।

    

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