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करोड़ों का मालिक निकला बिजली का विजिलेंस अफसर

ग्वालियर। बिजली कंपनी के विजिलेंस शाखा के डीजीएम सत्येन्द्र ङ्क्षसह चौहान जो कि वर्तमान में मुरैना में पदस्थ है। बिजली चोरी पकडऩे वाले इस अफसर के घर पर आज बुधवार की अलसुबह लोकायुक्त की टीम संपत्ति की जांच करने जा पहुंची। घर की डोलवेल बजते ही स्वयं सत्येन्द्र सिंह बाहर निकले। लेकिन घर के बाहर खड़ी विजीलेंस टीम को देख चौहान गुलाबी सर्द मौसम में पसीना-पसीना हो गए। विजिलेंस को चौहान के घर छापामार कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति मिली है। जो कि चौहान ने गलत तरीके से कमाई है। चल-अचल संपत्ति के अलावा एक वाटर प्लांट मिला है, जिसमें पानी की बोतलें पैक हो रही थीं।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डीजीएम विजीलेंस सत्येन्द्र सिंह चौहान मुरैना में पदस्थ हैं। इनका काम उन उपभोक्ताओं के घरों में छापा मारना है, जो बिजली की चोरी करते हैं । लोकायुक्त ने कार्रवाई को अंजाम आज सुबह बुधवार को उनके  भगवान कॉलोनी ठाटीपुर स्थित घर पर दिया। लोकायुक्त पुलिस ने सत्येन्द्र सिंह के घर से मिली चल-अचल संपत्ति का लेखाजोखा तैयार उन्हें मौके पर गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया।  इस कार्रवाई में एक मकान भगवान कालोनी मुरार में १२००स्क्वायर फुट पर बना तीन मंजिला कीमत लगभग २५ लाख , द्वारिकाधीश कालोनी में एक मकान २६०० स्क्वायर फुट का कीमत लगभग ५६ लाख, इसी मकान में एक पानी का वाटर फिल्टर प्लांट तथा खाली बोतल बनाने का प्लांट निर्मल नीर के नाम से , एक प्लॉट सोंसा गांव में लगभग ३५ लाख, सिटी सेंटर में १५०० स्क्वायर फुट का प्लॉट, कृषि भूमि भारोली गांव में ४.३ बीघा, दो बीघा सोंसा गांव में इसके अलावा १५-२० पास बुक, १६ लाख की सोना चांदी के जेवरात, कुछ नगदी तथा एक स्विफट, एक बोलेरो, दो दुपहिया वाहन के अलावा तीन टाटा के लोडिंग व्हीकल पासपोर्ट के साथ ही दो विदेश यात्राएं श्रीलंका और थाईलेंड की जानकारी मिली है। अभी डीजीएम के बैंक लॉकर की जानकारी नहीं मिली है। लोकायुक्त एसपी अमित ंङ्क्षसह ने बताया कि चौहान के घर से कुल कितने करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। इसकी जानकारी गुरुवार को प्रेस से शेयर करेंगे।

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