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सुखबीर बादल बोले, पंजाब है नशामुक्त, कांग्रेस और आप कर रहे राज्य को बदनाम

पंजाब में नशे के मुद्दे पर घिरी पंजाब सरकार ने शुक्रवार को कांग्रेस और आम आदमी को घेरते हुए दोनों पार्टियों पर नशे के मुद्दे को लेकर राजनीति करने और पंजाब की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पुलिस की भर्ती के दौरान ड्रग्स एडिक्ट की जांच के लिए लगभग 3 लाख 75 हजार युवकों के सैम्पल लिए गए। उपमुख्यमंत्री बादल के मुताबिक केवल 1.27% सैम्पल पॉजिटिव मिले। उन्होंने यह बात हाल ही में हुई पंजाब पुलिस की भर्ती के दौरान हुए डोप टेस्ट की रिसर्च के आधार पर कही।
बादल ने कहा कि जहां आंकड़े दूसरी कहानी बयान कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आरोप लगा चुके हैं कि पंजाब में 70 फीसदी युवा ड्रग्स के चपेट में हैं। बादल ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को सिख-विरोधी और पंजाब विरोधी करार दिया। हाल ही में पूरे पंजाब में हुई पुलिस भर्ती के दौरान पंजाब सरकार के कहने पर बाबा फरीद हेल्थ यूनिवर्सिटी ने शारीरिक परीक्षा देने वाले युवकों के सैम्पलों की जांच की थी। यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर राज बहादुर ने रिपोर्ट सांझा करते हुए कहा कि टेस्ट की क़्वालिटी अंतराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक थी।
डॉ राज बहादुर के मुताबिक पंजाब में ड्रग्स का औसत, राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। जैसे चरस और हेरोइन जैसा सिंथेकिट नशा पूरे भारत में 0.7% इस्तेमाल होता है, जबकि पंजाब में 0.33% ही इस नशे का इस्तेमाल होता है। वहीं, अफीम और भांग जैसे प्राकृतिक नशे पूरे भारत में 3% लोग इस्तेमाल करते हैं लेकिन पंजाब में सिर्फ 0.42% लोग ही इस तरह के नशों का इस्तेमाल करते हैं।
आंकड़े जारी करते हुए बादल ने दावा किया कि डोप टेस्ट का इतना बड़ा सैम्पल आज तक नहीं लिया गया। ये सैम्पल अगस्त-सितम्बर के बीच में हुई पुलिस भर्ती के दौरान लिए गए और पंजाब सरकार ने इस जांच पर लगभग तीन करोड़ से ज्यादा खर्च किये हैं। पंजाब सरकार को उम्मीद है कि इस रिसर्च के नतीजे पंजाब की अकाली-बीजेपी सरकार पर नशों को पंजाब में बढ़ावा देने के आरोप से मुक्ति दिलवा पाएंगे और पंजाब सरकार पर नशे को लेकर लगातार उछाले जा रहे कीचड़ के दाग शायद इस रिसर्च के नतीजों से धुल सकेंगे। हालांकि विपक्ष ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है और विपक्ष के नेताओं का कहना है कि वो इस रिसर्च के नतीजों को स्टडी करके ही इस पर कुछ कहेंगे।

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