à¤à¤• रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ की जीवन यातà¥à¤°à¤¾
à¤à¤• आम फà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤¥à¥€ दà¥à¤•ानदार का बेटा और गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° का सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• चहेता मददगार। जीवन ऱकà¥à¤·à¤¾ के लिये हर जरूरतमंद और परेशान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मिनटों में रकà¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ कराने वाले सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ की जीवन गाथा गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गौरवानà¥à¤µà¤¿à¤¤ करने वाली है। अà¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के जीवन के बाद à¤à¥€ आम पीड़ित आदमी की सेवा का जजà¥à¤¬à¤¾ और रकà¥à¤¤ की कमी से किसी की मौत न हो, इसका जजà¥à¤¬à¤¾ लिये सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ आज सबका चहेता हैं।
घोसीपà¥à¤°à¤¾ à¤à¤¬à¥€ रोड निवासी सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में समाजसेवा का à¤à¤• नया ही अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। शà¥à¤°à¥‚आत में पà¥à¤¾à¤ˆ के दिनों में सेना के माधà¥à¤¯à¤® से देश सेवा का जजà¥à¤¬à¤¾ लिये सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ ने सेना में मौका न मिलने पर अब रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ से ही देश सेवा की शà¥à¤°à¥‚आत कर दी है। उनका कहना है कि सीमा पर सेवा का मौका नहीं मिला तो कà¥à¤¯à¤¾ है, सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° चंबल संà¤à¤¾à¤— में पहला निःशà¥à¤²à¥à¤• बà¥à¤²à¤¡ काॅल सेंटर à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ किया है। इसके माधà¥à¤¯à¤® से वह लोगों को बà¥à¤²à¤¡ दिलवा रहे हैं, लेकिन देश के अंदर रहकर जरूरतमंद वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सेवा करना à¤à¥€ देश सेवा ही हैं। अब तक सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ 6500 लोगों को रकà¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ कराकर उनकी जीवन रकà¥à¤·à¤¾ में योगदान दे चà¥à¤•े है, वह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ 33 बार रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ कर चà¥à¤•े हैं।
सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ ने रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥‚आत 2017 से की थी, लेकिन उनको लगा कि वह à¤à¤¸à¥‡ तो à¤à¤• दो लोगों की ही मदद कर पायेंगे, इसलिये उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शिपà¥à¤°à¤¾ हैलà¥à¤¥ फाउणà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨ के नाम से à¤à¤• संसà¥à¤¥à¤¾ बनाकर 2010 से अपने रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ के अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ को महाअà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में बदल दिया। वह हर उस जरूरतमंद को निःशà¥à¤²à¥à¤• रकà¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ करा देते हैं, जिसके जीवन के लिये रकà¥à¤¤ की अतà¥à¤¯à¤‚त आवशà¥à¤¯à¤•ता होती हैं। बस जरूरत है कि उनको व उनके फाउणà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨ के किसी à¤à¥€ सदसà¥à¤¯ को सूचना की। सà¥à¤§à¥€à¤° के शिपà¥à¤°à¤¾ हेलà¥à¤¥ फाउणà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨ से 4 हजार लोग जà¥à¥œà¥‡ है, आज गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° ही नहीं देशà¤à¤° के अनेक सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में वह जीवन रकà¥à¤·à¤¾ के लिठरकà¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ करा रहे है।
सà¥à¤§à¥€à¤° राव दà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥‡ को उनके इस अनूठे सेवा कारà¥à¤¯ के लिठकेनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह तोमर से लेकर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸.के. गंगेले, शील नागू, यूसी माहेशà¥à¤µà¤°à¥€, विशà¥à¤µ चैंपियन पहलवान सà¥à¤¶à¥€à¤² कà¥à¤®à¤¾à¤°, महापौर विवेक शेजवलकर, जिला कलेकà¥à¤Ÿà¤°, à¤à¤¡à¥€à¤à¤® से लेकर देशà¤à¤° की विशिषà¥à¤Ÿ हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ कर चà¥à¤•ी है।