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बिना आम सहमति के समान नागरिक संहिता नहीं : नायडू

सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि समान नागरिक संहिता को पिछले दरवाजे और आम सहमति के बिना नहीं लाया जाएगा। उन्होंने इस आरोप से इंकार किया कि भाजपा इस विवावादस्पद मुद्दे को चुनावों विशेषकर उत्तर प्रदेश चुनाव के कारण हवा दे रही है।

18 की उम्र में हुए तीन तलाक

केन्द्रीय मंत्री ने दावा किया कि आगामी चुनाव में भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए तीन बार तलाक, समान नागरिक संहिता और राम मंदिर मुददों का इस्तेमाल नहीं करेगी तथा विकास एजेंडा पर चुनाव लड़ेगी। सरकार के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रकार के महत्वपूर्ण मुददों को चुनावी लाभ के पैमाने से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की इस आलोचना को खारिज कर दिया कि लक्षित हमलों का राजनीतिकरण किया जा रहा है।

नायडू ने कहा, सरकार इसे (तीन बार तलाक कहने को) एक धार्मिक मामला नहीं मानती है। यह लैंगिक संवदेनशीलता का मामला है। यह कहना गलत है कि हम मुस्लिम मुददों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा, उसी भारतीय संसद, उसकी राजनीतिक प्रणाली द्वारा हिन्दू संहिता विधेयक, तलाक कानून, दहेज निषेध, सती प्रथा निषेध कानून पारित किये। ये सब भारतीय संसद द्वारा किया गया। नायडू ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता लाने के लिए व्यापक आम सहमति तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के लिए तीन बार तलाक कहने के मुददे को उठाने के आरोप अनुचित हैं।

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उन्होंने कहा, हम अभी समान नागरिक संहिता की बात नहीं कर रहे हैं। विधि आयोग ने एक प्रश्नावली जारी की है तथा लोगों की प्रतिक्रिया मांगी है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, व्यापक आम सहमति के बिना आप समान नागरिक संहिता नागरिक संहिता नहीं ला सकते। आपको इस दिशा में काम करना होगा और आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि उच्चतम न्यायालय तीन बार तलाक कहने के मुद्दे पर सही दिशा दिखायेगा।

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पाकिस्तानी कलाकारों पर कोई सरकारी प्रतिबंध नहीं

वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन फिल्म निर्माताओं को उन्हें काम देते समय लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। नायडू को यह भी लगता है कि ऐ दिल है मुश्किल और एमएनएस के बीच मध्यस्थता करने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने सेना कल्याण कोष में निर्माताओं से पांच करोड़ रूपये जमा करने को कहे जाने के मामले में कुछ गलत नहीं किया या उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

नायडू का कहना है कि सिद्धांतत: वह दूसरे देशों के कलाकारों के भारत में काम करने पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जब पड़ोसी देश की ओर से परोक्ष युद्ध चलाया जा रहा हो तो फिल्म निर्माताओं को स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा, लोगों का कहना है कि कला की कोई सीमा नहीं है । हां, कला की कोई सीमा नहीं होती लेकिन देशों की सीमाएं होती हैं। उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। नायडू ने कहा कि कलाकारों की भी जिम्मेदारी होती है कि वे लोगों की भावनाओं को आहत नहीं करें।

उन्होंने कहा, आपको मन में स्थिति को समक्षना होगा । सामान्य समय में, हां। मंत्री ने कहा, लेकिन ऐसी स्थिति में जब परोक्ष युद्ध चल रहा हो और आपका पड़ोसी नियमित तौर पर आतंकवादियों को प्रोत्साहित कर तथा वित्तीय मदद देकर आपको भड़का रहा हो तथा हजारों लोगों और आपके जवानों को मार रहा हो, इस तरह की स्थिति में यदि आप इस तरह की चर्चा में पड़ते हैं कि कला हमारा अधिकार है तो उससे लोगों को दुख पहुंचेगा । लेकिन सरकार ने किसी पर कोई रोक नहीं लगाई है ।

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