कटनी जिले में तार में फंसा मिला बाघ का शव, पीà¤à¤® रिपोरà¥à¤Ÿ का इंतजार
कटनी। बड़वारा वनपरिकà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में गोपालपà¥à¤°-बनहरी गांव के पास मंगलवार को à¤à¤• बाघ का शव मिला। तालाब के पास कंपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट-442 से लगे वन परिकà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में तारों में फंसा शव मिलने से वन विà¤à¤¾à¤— के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
वन अधिकारियों ने पंचनामा कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ के बाद शव का पोसà¥à¤Ÿà¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® कराया और इसके बाद उसका अंतिम संसà¥à¤•ार कर दिया गया। अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ वन संरकà¥à¤·à¤• à¤à¤¨à¤à¤¸ डà¥à¤—रियाल ने बताया कि बाघ के शव में जखà¥à¤® देखने से लग रहा है कि दो बाघों के बीच हà¥à¤ संघरà¥à¤· में उसकी मौत हà¥à¤ˆ होगी। मौत का वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारण पोसà¥à¤Ÿà¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® रिपोरà¥à¤Ÿ में पता चल सकेगा।
अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯ वन संरकà¥à¤·à¤• à¤à¤¨à¤à¤¸ डà¥à¤—रियाल ने बताया कि बाघ की उमà¥à¤° करीब तीन वरà¥à¤· है। बाघ की मौत 21 जनवरी की रात के समय हà¥à¤ˆ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने करंट से शिकार की आशंका को सिरे से खारिज नहीं किया है। बाघ की पूंछ देखने में जली हà¥à¤ˆ दिख रही है और उसके किसी à¤à¥€ अंग को नहीं निकाला गया है। इसी वजह से शिकार की आशंकाओं को वन अधिकारी नकार रहे हैं।