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मध्यप्रदेश अब विकसित राज्यों की पंक्ति में

आर्थिक सशक्तिकरण के काम को प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री चौहान 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले दस साल में राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से अब मध्यप्रदेश विकसित राज्यों की पंक्ति में आ गया है। अब प्रदेश की जनता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के काम प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। विकास तभी ही सार्थक है जब इसका लाभ गरीबों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ एक न्यूज चेनल के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की विकास दर पिछले सात साल से लगातार दहाई अंक में है। प्रदेश की कृषि विकास दर चार साल से 20 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 13 हजार से बढ़कर 59 हजार रूपये प्रति व्यक्ति हो गयी है। पिछले दस वर्षों में एक लाख किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। बिजली की उपलब्धता 4 हजार मेगावॉट से बढ़कर 18 हजार मेगावॉट हो गई है। इससे मध्यप्रदेश अब पावर सरप्लस राज्य बन गया है। सिंचाई क्षमता 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गयी है। नदी जोड़ो कार्यक्रम में किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया गया है। कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाया गया है। अब कृषि ऋण किसानों से 90 प्रतिशत ही वापस लिया जायेगा। उद्यानिकी का क्षेत्र बढ़कर 15 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों की आय पाँच वर्ष में दोगुना करने का रोडमेप बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिये कई योजनाएँ क्रियान्वित की गई हैं। गरीबों को एक रुपये किलो गेहूँ और चावल उपलब्ध करवाने की योजना, गरीबों को नि:शुल्क दवाई और गरीबों के लिये आवास की योजना बनाई गई है। राज्य बीमारी सहायता निधि से गरीबों के उपचार की व्यवस्था की गई है। गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों की शिक्षा के लिये योजनाएँ बनाई गई हैं। समाज के गरीब और मेहनतकश वर्गों के लिये सहायता की कई योजनाएँ बनाई गई हैं।

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