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विपक्षी दलों पर नायडू ने साधा निशाना, बोले- आतंकियों से हमदर्दी दिखाना फैशन बन गया है

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने मध्य प्रदेश में सिमी आतंकियों के मारे जाने के मामले में सवाल उठाने वाले विपक्ष पर प्रहार करते हुए मंगलवार को कहा कि लोगों को इस पर ओछी राजनीति से बचना चाहिए। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव के सिलसिले में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नायडू ने कहा कि मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि कुछ लोग आतंकियों को लेकर इतना चिंतित क्यों हैं। शायद यह ऐसे लोगों के लिए फैशन बन गया है।
नायडू ने कहा कि मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि कुछ लोग आतंकियों को लेकर परेशान क्यों हैं। कुछ लोग सिमी को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोग उन लोगों को लेकर चिंतित हैं, जो जेल से भागे थे और जिन्होंने कानून तोड़ा था। ये लोग भारतीयों और भारत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चिंतित होने के बजाए उन लोगों के लिए चिंतित हैं।
नायडू ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने इसे ओछी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि मैंने इसे कुछ लोगों को सांप्रदायिक रंग भी देते देखा। इसमें क्या सांप्रदायिक है? चार-पांच दिन पहले ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा पर 28-29 नक्सली मारे गए, लेकिन किसी ने उनके समुदाय के बारे में नहीं पूछा। किसी ने उनके धर्म के बारे में नहीं पूछा। नायडू ने कहा कि यह सब ओछी राजनीति है। मैं सभी लोगों से राजनीति से बचने और देश की सुरक्षा का ख्याल रखने की अपील करता हूं।
इधर, केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने भी कहा कि देशद्रोही और आतंकवादी के पक्ष में बोलना और रोना ओवैसी, दिग्विजय सिंह और इन जैसे लोगों का फैशन हो गया है। चाहे वो अफजल गुरु या कसाब के फांसी का मसला हो, भोपाल एनकाउंटर हो या फिर बटाला हाउस का वाकया हो, हमेशा से कुछ लोगों ने अपनी संवेदना को जगजाहिर किया है।
अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले गिरिराज ने कहा कि हिंदुस्तान ही विश्व का एकमात्र देश होगा, जहां राजनीतिक पार्टियां और राजनीति करने वाले लोग अपने ही देश के खिलाफ साजिश करने वालों के पक्ष में बोलते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि ऐसे नेता की जुबान जेल प्रहरी की हत्या पर क्यों नहीं खुल रही। उन्होंने कहा कि इनकी जुबान सेना पर पत्थर मारने वालों और पाकिस्तान के कुकर्म के खिलाफ कभी नहीं खुलती।
उल्लेखनीय है कि भोपाल में सोमवार को भोपाल के बाहरी इलाके में हुई मुठभेड़ में सिमी से जुड़े आठ विचाराधीन कैदियों को पुलिस बल द्वारा मार गिराए जाने के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मायावती, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने 'मुठभेड़' की सत्यता पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।

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