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हर व्यक्ति की सफलता में माँ की मौन तपस्या का अहम योगदान – श्री पवैया

उच्च शिक्षा मंत्री ने क्रीड़ा भारतीय के कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के

खिलाड़ियों की माताओं को किया सम्मानित

किसी भी खिलाड़ी या सफल व्यक्ति के पीछे उनकी माँ की मौन तपस्या का सबसे अहम योगदान होता है। खेल के क्षेत्र में सफलता का परचम लहराने वाले खिलाड़ियो की माताओं को सम्मानित कर क्रीड़ा भारतीय ने सराहनीय पहल की है। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कही। श्री पवैया आज मध्यभारत क्रीड़ा भारतीय के प्रांतीय अधिवेशन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने वाले शहर के दो खिलाड़ियों की माताओं को इस अवसर पर क्रीड़ा भारतीय की ओर से सम्मानित किया।

      रविवार को यहाँ एलएनआईपीई में आयोजित हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने  “जीजौ माँ” सम्मान से अंतराष्ट्रीय स्तर की जूनियर खिलाड़ी कु. करिश्मा यादव की माँ श्रीमती सुष्मा यादव और सुहासिनी मोघे सम्मान से राष्ट्रीय स्तर के साइकिलिंग व ट्रैकिंग खिलाड़ी श्री देवेन्द्र तिवारी की माँ श्रीमती गीता तिवारी को शॉल-श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, जरूरत खेलों के प्रति जुनून पैदा करने की है। इस दिशा में देश के प्रधानमंत्री ने पहल की है, इसके जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे। श्री पवैया ने कहा कि खिलाड़ियो को भी सैनिकों की भाँति देश को सम्मान दिलाने की भावना के साथ खेलने की जरूरत है। इससे उन्हें सफलता भी मिलेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एलएनआईपीई के कुलपति डॉ. दिलीप धुरैया ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिये स्कूल स्तर से ही प्रयास करने की जरूरत है। क्रीड़ा भारतीय जैसी संस्थायें इस दिशा में महती भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम में क्रीड़ा भारतीय मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष श्री दीपक सचेती व सचिव श्री के कल्याणकर, क्षेत्रीय संयोजक श्री भीष्म सिंह राजपूत व अन्य पदाधिकारी तथा श्री यशवंत इंदापुरकर मंचासीन थे। इस मौके पर क्रीड़ा भारतीय के क्षेत्रीय संयोजक श्री भीष्म सिंह राजपूत ने मध्य प्रांत क्रीड़ा भारतीय की कार्यकारिà¤

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