Homeराज्यो से ,
चुनाव से पहले ही यात्राओं का दौर, किसकी यात्रा किस पर पड़ेगी भारी?

देश के सबसे बड़े सूबे उत्‍तर प्रदेश की सत्‍ता हासिल करने के लिए चुनाव घोषित होने से पहले ही यात्राओं का दौर शुरू हो चुका है। इन यात्राओं से यूपी की सियासी हवा किसके पक्ष में बदलेगी? क्‍या इस दौरान उमड़ी भीड़ को सपा, कांग्रेस और भाजपा के नेता वोट में बदल पाएंगे?
राहुल गांधी की किसान यात्रा के बाद अब अखिलेश यादव की समाजवादी विकास रथयात्रा शुरू हो चुकी है। दो दिन बाद बीजेपी की चार परिवर्तन यात्राएं शुरू होंगी। बसपा ने अभी अपने पत्‍ते नहीं खोले हैं। सीएम अखिलेश यादव का कहना है कि विकास से लेकर विजय की ओर लक्ष्‍य को लेकर यात्रा निकली है। यात्राएं तो निकलेंगी ही, सभी पार्टियां यात्राओं को लेकर जनता के बीच जाएंगी। लेकिन काम का आकलन करना जनता का काम है। वही तय करेगी किसका काम बेहतर है।
भाजपा अपनी परिवर्तन यात्राओं के जरिए सपा सरकार के अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं लोगों की बुनियादी जरूरतों के मुद्दों को उठाएगी और विकास का अपना एजेंडा लोगों के समक्ष पेश करेगी। बसपा प्रदेश अध्‍यक्ष राम अचल राजभर इस बारे में बात नहीं करना चाहते।
बीजेपी की 5 नवंबर से चार स्थानों से ‘परिवर्तन यात्रा’ निकलेगी। 5 नवंबर को सहारनपुर, 6 नवंबर को झांसी, 7 नवंबर को सोनभद्र और 8 नवंबर को बलिया से इसकी शुरुआत होगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे। भाजपा ने इस यात्रा के लिए बसों के रूप में परिवर्तन रथ भी तैयार किया जिस पर ‘न गुंडाराज, न भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’ तथा ‘पूर्ण बहुमत संपूर्ण विकास, अबकी बार भाजपा सरकार’ जैसे नारों का उल्लेख है।
सेंटर फॉर द स्‍टडी ऑफ सोसायटी एंड पॉलिटिक्‍स के निदेशक अनिल कुमार वर्मा कहते हैं कि जो नेता यात्राओं के जरिए जनता से संवाद करेगा उनकी समस्‍याएं सुनेगा, उसकी यात्रा सफल होगी। जबकि जो सिर्फ भीड़ एकत्र करने का काम करेगा वह मात खाएगा। भाजपा और कांग्रेस की यात्राएं मौजूदा सपा सरकार को नुकसान पहुंचाएंगी। इस दौरान जुटने वाली भीड़ को वोटों में बदलना सबके लिए चुनौती का काम है। क्‍योंकि अब वोटिंग बिहैवियर बदल रहा है। जनता किसी के झांसे में नहीं आती।
अखिलेश यादव की तीसरी रथयात्रा
समाजवादी पार्टी के नेता राजेन्द्र चौधरी के मुताबिक अखिलेश यादव की यह तीसरी रथयात्रा है। पहली बार 2001-2002 में क्रांति रथ यात्रा पर निकले थे। 2011-12 में भी वे क्रांति रथ से पूरे प्रदेश में जन संवाद पर निकले थे जिससे प्रदेश में बहुमत की समाजवादी सरकार बनी।
राहुल कर चुके हैं 3500 किमी यात्रा
कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी की देवरिया से दिल्‍ली तक चली करीब 3500 किलोमीटर लंबी किसान यात्रा की। इस दौरान 26 दिन की यात्रा में 26 खाट सभाएं कीं। इसके जरिए लोगों खासतौर पर किसानों से सीधा संवाद किया।

Share This News :