समाज व देश की असली ताकत उसका गौरवमयी इतिहास : मंतà¥à¤°à¥€ पवैया
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° । किसी à¤à¥€ समाज व देश की असली ताकत उसका गौरवमयी इतिहास होता है। इसलिये अपने पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ इतिहास का सदैव सà¥à¤®à¤°à¤£ रखना चाहिà¤à¥¤ अपने इतिहास व महापà¥à¤°à¥‚षों को à¤à¥‚लने वाले समाज निषà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤£ हो जाते हैं। उकà¥à¤¤ आशय के विचार उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लोक सेवा पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤
मंतà¥à¤°à¥€ पवैया गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° दà¥à¤°à¥à¤— पर महाराजा à¤à¥€à¤® सिंह राणा के 262वें शà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि दिवस के उपलकà¥à¤·à¥à¤¯ में रविवार को आयोजित हà¥à¤ अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ किसान राणा मेला के उदघाटन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को संबोधित कर रहे थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा जाट समाज à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ समाज है, जिसकी वचनवदà¥à¤§à¤¤à¤¾ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¤¾ की अनà¥à¤¯ समाज à¤à¥€ दà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ देते हैं। उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ पवैया ने कहा जाट समाज में जनà¥à¤®à¥‡ महाराजा à¤à¥€à¤® सिंह राणा à¤à¤¸à¥‡ ही वीर महापà¥à¤°à¥‚ष थे, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने पà¥à¤°à¥‚षारà¥à¤¥ की बदौलत मà¥à¤—लों को पराजित किया और गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के किले पर केशरिया पताका लहराई। उनके शौरà¥à¤¯ और पराकà¥à¤°à¤® से यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेने की जरूरत है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मौजूद यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का आहवान किया कि वे आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¤µà¤‚ साहस के साथ जीवन पथ पर आगे बà¥à¥‡à¤‚गे, तो सफलता अवशà¥à¤¯ मिलेगी।

कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सांसद करà¥à¤¨à¤² सोनाराम व दà¥à¤·à¥à¤¯à¤‚त चौटाला व पूरà¥à¤µ रेल राजà¥à¤¯à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ चौधरी अजय सिंह सहित जाट समाज के अनà¥à¤¯ अतिथियों ने à¤à¥€ विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि पवैया सहित अनà¥à¤¯ अतिथियों ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° दà¥à¤°à¥à¤— पर जौहरकà¥à¤£à¥à¤¡ के समीप सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ जाट राजा à¤à¥€à¤® सिंह राणा की छतà¥à¤°à¥€ पहà¥à¤à¤šà¤•र उनके चितà¥à¤° पर पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की। साथ ही जाट समाज के नेता रहे सà¥à¤µ. चौधरी रामवीर सिंह के चितà¥à¤° पर पà¥à¤·à¥à¤ª अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की। इस अवसर पर उतà¥à¤¤à¤°à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ सरदार सिंह तथा शकà¥à¤¤à¤¿ सिंह, à¤à¤¸à¤ªà¥€ सिंह, वीरेनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह गोदारा व राजेनà¥à¤¦à¥à¤° तिलानी समेत जाट समाज के अनà¥à¤¯ पदाधिकारी à¤à¤µà¤‚ बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में जाट समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ मौजूद थे। सà¥à¤µà¤¾à¤—त उदबोधन मेला संयोजक मलूक सिंह ने दिया।
विदित हो गोहद के जाट राजा à¤à¥€à¤® सिंह राणा ने सनॠ1754 में मà¥à¤—लों को पराजित कर गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° किले को अपने अधिकार में कर लिया था। सनॠ1756 ईसवी में मराठों के साथ हà¥à¤ यà¥à¤¦à¥à¤§ में वे वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤à¥¤ गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° दà¥à¤°à¥à¤— पर जौहरकà¥à¤£à¥à¤¡ के समीप à¤à¤µà¤‚ जहाà¤à¤—ीर महल के पशà¥à¤šà¤¿à¤® में à¤à¥€à¤® सिंह राणा की छतà¥à¤°à¥€ बनी है।