गांवों तक नहीं पहà¥à¤‚चा कैश, कोई है जो सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा इनकी परेशानी?
500 और 1000 के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट बंद होने के फौरी साइड इफेकà¥à¤Ÿ से परेशान शहरियों की चरà¥à¤šà¤¾ हर तरफ चल रही है, लेकिन गांवों की सà¥à¤§ कोई नहीं ले रहा है। कई गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाकों में अब तक नई करेंसी पहà¥à¤‚ची ही नहीं है। कहीं पहà¥à¤‚ची है तो बहà¥à¤¤ कम। घर-दà¥à¤µà¤¾à¤° छोड़कर गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£, खासतौर पर महिलाà¤à¤‚ बैंकों में पहà¥à¤‚ची हà¥à¤ˆ हैं। गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाकों में बैंकों की हालत देखकर यह पता चल रहा है कि रिजरà¥à¤µ बैंक ने पूरी तैयारी नहीं की।
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में आजमगढ़ जिले के मेहनाजपà¥à¤° कसà¥à¤¬à¥‡ के रहने वाले रितेश शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ कहते हैं कि ‘13 को बहन की सगाई है। हम तो पैसे रहते हà¥à¤ à¤à¥€ कंगाल हो गठहैं। सà¥à¤¬à¤¹ 5 बजे से लाइन में लगा हूं। पैसे मिलने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ à¤à¥€ नहीं है। समठनहीं आ रहा कà¥à¤¯à¤¾ करूं?...’
गोरखपà¥à¤° के बेलघाट से अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ने बताया कि यहां गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ बैंक में अà¤à¥€ तक नई करेंसी नहीं पहà¥à¤‚ची है। à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® बंद हैं। लोगों के पैसे जमा हो रहे हैं, मिल नहीं रहे। इसलिठलोगों को शादी-बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ और इलाज में दिकà¥à¤•तों का सामना करना पड़ रहा है। गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को à¤à¥€ यहां लोगों को नई करेंसी नहीं मिल पाई थी। लोग खाद, बीज और राशन के लिठपरेशान हैं। गांवों में लोग शहरों की तरह अकà¥à¤¸à¤° बैंक और à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® पर नहीं जाते। वे कà¥à¤› दिन के खरà¥à¤š के लिठपैसा निकालकर घर में रखते है। अब इस फैसले को लेकर गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ परेशान हैं। महिलाà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लेकर दिन à¤à¤° बैंक के बाहर बैठी हà¥à¤ˆ हैं।
बनारस के फà¥à¤Ÿà¤•र वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¥€ गोविंद गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ कहते हैं कि दो दिन से तो गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤•ों की किलà¥à¤²à¤¤ हो गई है। जो आ à¤à¥€ रहे हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ या तो उधारी देनी पड़ रही है या मना करना पड़ा रहा है। बिना नाशà¥à¤¤à¤¾ किठसà¥à¤¬à¤¹ से à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® की लाइन में लगा हूं, à¤à¤¾à¤ˆ को पैसे चेंज करवाने के लिठबैंक की लाइन में लगा रखा है।
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² से पतà¥à¤°à¤•ार तेजिंदर सिंह ने कहा कि दूर-दराज के अंचलों और गांवों में असली परेशानी देखने को मिल रही है। तेजिंदर ने बताया कि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के छतरपà¥à¤° जिले के शमशान में 70 साल की बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— महिला का अंतिम संसà¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ टायरों पर करना पड़ा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने अंतिम संसà¥à¤•ार की सामगà¥à¤°à¥€ देने से इनकार कर दिया था। परिवार के पास पांच सौ- हजार के नोट ही थे। मामले की à¤à¤¨à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ को लगी, तो आनन फानन में वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठगà¤à¥¤
तेजिंदर बताते हैं कि खास बात यह है कि कई देहात और गांव à¤à¤¸à¥‡ हैं, जहां अब तक लोगों के पास ठीक से जानकारी à¤à¥€ नहीं पहà¥à¤‚ची है। आगरा के खंदौली बà¥à¤²à¥‰à¤• के मनीष शरà¥à¤®à¤¾ कहते हैं कि दो दिन से à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® बंद पड़े हैं। बैंकों में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नठनोट नहीं हैं। इसलिठलोगों को दिकà¥à¤•तों का सामना करना पड़ रहा है।
महाराजगंज के सिसवा कसà¥à¤¬à¥‡ में à¤à¥€ अब तक नठनोट बैंकों में नहीं पहà¥à¤‚चे हैं। यहां के पतà¥à¤°à¤•ार ओमकार कसेरा बताते हैं कि à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® बंद हैं। बैंक अà¤à¥€ 100 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट से काम चला रहे हैं। बैंकों के आगे पैसे के लिठलोगों की लंबी लाइन लगी हà¥à¤ˆ है। जिनके घर शादी या फिर और कोई काम है वे लोग खासे परेशान हैं।