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कांग्रेस का पलटवार, कहा- तानाशाह पीएम ने देश पर ‘आर्थिक अराजकता’ का माहौल थोपा

गाजीपुर में पीएम मोदी की रैली के कुछ ही देर बाद कांग्रेस ने उन पर करारा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिना सोचे-समझे नोट बदलने के एक फैसले ने देश के 125 करोड़ लोगों को एक बिन बुलाई आफत में धकेल दिया है। देश की तरक्की का पहिया जाम है और करोड़ों लोग अपना काम छोड़ लाइनों में धक्के खा रहे हैं और वो भी खुद का पैसा निकलवाने के लिए। बगैर तैयारी, बगैर सोच व झूठी वाहवाही बटोरने के लिए किए गए मोदी सरकार के इस नासमझ फैसले से आम जनता पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है।

सुरजेवाला ने कहा कि ऐसा नहीं है कि लोगों के पास पैसे नहीं हैं। हैं तो,  à¤®à¤—र देश के ताकतवर तानाशाह प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने रातोंरात लोगों की गाढ़े कमाई के पैसों को कागज के टुकड़ों में तब्दील कर एक ‘आर्थिक अराजकता’ का माहौल देश पर थोप दिया है। मोदी जी यह मान बैठे हैं कि बड़े बहुमत की जीत उन्हें सब मनमानियों को अधिकार देती है। परंतु प्रजातंत्र में सत्ता के अधिकार मनमाने नहीं, जन-माने होते हैं।

मोदी जी, देश न जुमलों से चलेगा न ढकोसलों से। न मजाक उड़ाने से, न आंखें दिखाने से। न रोने धोने से, न छटपटाने से। देश के 125 करोड़ व्यथित, पीड़ित, दुखी एवं परेशान लोगों की ओर से हम मोदी सरकार से जवाब मांगते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री  à¤¨à¤°à¥‡à¤‚द्र मोदी उन परिवारों से घर-घर जाकर माफी मांगेंगे, जिन्होंने आपकी ‘आर्थिक अराजकता’ के चलते अपनी जान गंवा दी या फिर सब कुछ गंवा दिया?

सुरजेवाला ने कहा कि कालाधन तो असल में आपके सूट-बूट वाले चंद दोस्तों के पास है, जो लाइन में खड़े ही नहीं। क्या कारण है कि आपका कोई बड़ा उद्योगपति दोस्त, आपके अफसर, बीजेपी के आपके मंत्री, आपके मुख्यमंत्री, आपके नेता- बैंकों की लाइन में खड़े ही नहीं, जबकि पूरा देश खड़ा है? क्या यह नहीं बताता, कि काला धन असली में है कहां?

क्या कारण है कि नोट बदलने के फैसले के ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी के कोलकाता स्थित मात्र एक खाते नंबर 554510034 में अकेले 08 नवंबर को 500/1000 रु. के नोटों में एक करोड़ रुपये जमा करवाया गया। मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय व प्रांतीय सभी बैंक खातों की मार्च से सितंबर, 2016 की बैंक डिटेल्स जारी करने की हिम्मत दिखाएं। दूध का दूध, पानी का पानी सामने आ जाएगा कि नोट बदलने के फैसले से पहले कितना पैसा बदला गया?

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